Wednesday, July 15, 2026
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Punjab में मिला भारत का पहला पोटाश भण्डार, जमीन के महज़ कुछ मीटर नीचे ही मौजूद है ये खनिज

 पंजाब के कैबिनेट खनन एवं जल संसाधन मंत्री बरिन्दर कुमार गोयल ने कहा है।

पंजाब के कैबिनेट खनन एवं जल संसाधन मंत्री बरिन्दर कुमार गोयल ने कहा है कि पंजाब को खनन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे अन्वेषणों के परिणाम सामने आए हैं तथा राज्य और दक्षिण-पश्चिमी भाग में तीन खनन ब्लॉकों में पोटाश के बड़े भंडार पाए गए हैं।
आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री बरिन्दर कुमार गोयल ने कहा कि देश में कहीं और पोटाश का खनन नहीं होता है तथा पंजाब पहला राज्य है जहां यह खनिज पाया गया है। इससे पहले, देश में प्रतिवर्ष 5 मिलियन टन पोटाश का आयात किया जाता था, जिसका उपयोग खेतों और अन्य उद्योगों में उर्वरक के रूप में किया जाता है।
लेकिन अब श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिलों में तीन खनन ब्लॉक ऐसे पाए गए हैं जहां भूमिगत पोटाश के बड़े भंडार पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि ये ब्लॉक श्री मुक्तसर साहिब में कबरवाला के निकट तथा फाजिल्का जिले में शेरेवाला और रामसर तथा शेरगढ़ और दलमीर खेड़ा ब्लॉकों में पाए गए हैं।
इस अवसर पर उन्होंने इस विषय को लेकर लोगों में उत्पन्न शंकाओं का समाधान करते हुए कहा कि पोटाश के निष्कर्षण के लिए किसी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा तथा भूमि का नुकसान भी नहीं होगा, बल्कि यह खनिज ड्रिल प्रणाली से निकाला जाएगा तथा इसका किसानों के भू-स्वामित्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि इससे पोटाश के प्रसंस्करण से संबंधित उद्योग स्थापित होगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा। उन्होंने कहा कि पोटाश खनिज जमीन के नीचे 450 मीटर की गहराई पर स्थित है और इसे निकालने से पहले सरकार इसके सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों का गहन अध्ययन कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इन तीनों ब्लॉकों के आस-पास के क्षेत्रों में भी अन्वेषण कर रही है।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि यह परियोजना अरविंद केजरीवाल द्वारा खनन के माध्यम से पंजाब को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के वादे को पूरा करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में नीलामी करने का अधिकार केंद्र सरकार को है, लेकिन इससे मिलने वाली रॉयल्टी पंजाब सरकार को ही मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने इस संबंध में कब्बरवाला ब्लॉक से खनन के लिए अपनी सहमति दे दी है तथा जैसे ही केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में नीलामी की जाएगी, खनन शुरू हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार किसानों को आश्वासन देती है कि इस परियोजना में किसानों की कोई भी जमीन अधिग्रहित नहीं की जाएगी।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन तीनों ब्लॉकों का कुल क्षेत्रफल लगभग 18 वर्ग किलोमीटर है, लेकिन इसके आस-पास के क्षेत्रों में भी अन्वेषण किया जा रहा है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष राज्य को रेत व बजरी खनन से 288 करोड़ रुपये की आय हुई तथा आने वाले दिनों में राज्य में 104 और खदानें चालू होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि नदियों से रेत निकालने के लिए 27 स्थानों की पहचान की गई है।
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