Thursday, August 27, 2026
HomeLatest Newsभारत के E20 पेट्रोल को भूटान ने कहा 'ना', जानिए क्या है...

भारत के E20 पेट्रोल को भूटान ने कहा ‘ना’, जानिए क्या है वजह

भारत में E20 पेट्रोल को बढ़ावा देने की मुहिम के बीच पड़ोसी देश भूटान ने भारतीय तेल कंपनियों के E20 पेट्रोल सप्लाई प्रस्ताव को फिलहाल स्वीकार नहीं किया है। भूटान ने भारत से अनुरोध किया है कि जब तक पारंपरिक पेट्रोल उपलब्ध है, तब तक उसे उसी की आपूर्ति जारी रखी जाए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूटान के इस फैसले के पीछे वहां का सीमित और पुराना फ्यूल स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर एक बड़ी वजह है। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के भंडारण और परिवहन के लिए विशेष व्यवस्था की जरूरत होती है, जिसे लेकर भूटान अभी पूरी तरह तैयार नहीं है।

इसके अलावा, भूटान का अधिकांश हिस्सा पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में फैला हुआ है, जहां वाहनों को बेहतर टॉर्क और लगातार पावर की आवश्यकता होती है। ऐसे में अधिकारियों को चिंता है कि E20 पेट्रोल पहाड़ी सड़कों और कठिन परिस्थितियों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं दे पाएगा।

बता दें कि E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। भारत सरकार इसे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, प्रदूषण घटाने और गन्ना किसानों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से बढ़ावा दे रही है।

हालांकि, E20 पेट्रोल को लेकर भारत में भी मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। खासकर पुरानी पेट्रोल गाड़ियों के मालिकों ने माइलेज में कमी और रखरखाव खर्च बढ़ने जैसी शिकायतें की हैं। वहीं सरकार का कहना है कि माइलेज में हल्की कमी के बावजूद E20 ईंधन इंजन की परफॉर्मेंस और एक्सीलरेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है।

चूंकि भूटान अपनी पेट्रोल और डीजल की जरूरतों के लिए पूरी तरह भारत पर निर्भर है, इसलिए भारत की ईंधन नीति का असर वहां भी पड़ता है। फिलहाल भूटान ने सामान्य पेट्रोल की आपूर्ति जारी रखने को प्राथमिकता दी है और E20 पेट्रोल को अपनाने में जल्दबाजी नहीं दिखाई है।

RELATED ARTICLES
Google search engine
Google search engine

Most Popular