चंडीगढ़: पंजाब में फिलहाल मानसून की गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मंगलवार को किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, 16 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब और मोहाली के कुछ इलाकों में हल्की वर्षा हो सकती है। बाकी जिलों में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश की संभावना कम रहेगी।
बीते 24 घंटों में तापमान में करीब 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बठिंडा राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बढ़ती नमी के कारण लोगों को दिनभर उमस का सामना करना पड़ रहा है।
चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। एहतियात के तौर पर लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मुख्य मानसून ट्रफ फिलहाल अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बनी हुई है, जबकि पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर पंजाब पर बहुत कम पड़ रहा है। यही कारण है कि राज्य में फिलहाल ब्रेक-मॉनसून जैसे हालात बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और केवल छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। हालांकि, 21 से 22 जुलाई के आसपास मानसून ट्रफ के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है, जिसके बाद पंजाब में बारिश का दौर तेज हो सकता है और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।



