नई दिल्ली: फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 मंगलवार को भीषण टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। अचानक आए तेज झटकों से विमान के अंदर अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री अपनी सीटों से उछलकर विमान की छत से टकरा गए, जबकि ओवरहेड लॉकर खुलने से सामान यात्रियों पर गिर पड़ा। इस घटना में चार क्रू मेंबर समेत कुल 17 लोग घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हालात इतने भयावह थे कि केबिन क्रू भी यात्रियों को संभालने में जुट गया। एक एयर होस्टेस लगातार यात्रियों से सीट बेल्ट बांधने की अपील करती रही, जबकि दूसरी यात्रियों को शांत रहने के लिए कहती रही। विमान के अंदर चीख-पुकार का माहौल बन गया और कई लोग दहशत में प्रार्थना करने लगे।
एक यात्री ने बताया कि विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे गिरा, जिससे उनके पिता हवा में उछलकर विमान की छत से टकरा गए। उनकी मां के सिर और आंख के पास गंभीर चोट आई, जबकि उनकी पत्नी और दो वर्षीय बेटी भी सीट से उछलकर बीच के रास्ते में जा गिरीं। बच्ची के सिर पर चोट और सूजन आई। परिवार ने इस घटना को अपनी “नई जिंदगी” बताते हुए कहा कि उन्हें लगा था कि वे शायद जीवित नहीं बचेंगे।

इटली की एक महिला यात्री ने भी इस हादसे को बेहद डरावना बताया। उन्होंने कहा कि टर्बुलेंस के दौरान उनकी बहन सीट से उछल गई और उनकी मां के सिर में चोट लगी। उनके शब्दों में, “कुछ पल के लिए लगा कि अब हमारी जान नहीं बचेगी।”
विमान में मौजूद एक अन्य यात्री द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उसने बताया कि यह उसकी जिंदगी के सबसे भयावह दो घंटे थे। उसने यात्रियों से अपील की कि विमान में सफर के दौरान सीट बेल्ट का संकेत बंद होने पर भी सीट बेल्ट लगाए रखें, क्योंकि अचानक आने वाला टर्बुलेंस गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।

घटना के बाद विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारा गया। एयर इंडिया की सूचना पर सात घायलों को वसंत कुंज स्थित फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका सीटी स्कैन, एमआरआई और एक्स-रे समेत अन्य मेडिकल परीक्षण किए गए। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और विशेषज्ञ डॉक्टर उनका उपचार कर रहे हैं।
यात्रियों ने हादसे के बाद पायलट और केबिन क्रू की सूझबूझ की सराहना की। साथ ही उन्होंने इस घटना की विस्तृत जांच कराने और भविष्य में हवाई यात्रा को और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।


