पंजाब पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए पिछले एक साल में 729 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि राज्य में साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों पर लगाम लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य के सभी जिलों और पुलिस कमिश्नरेट में साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष इकाइयों को मजबूत किया गया है। स्पेशल डीजीपी वी. नीरजा के नेतृत्व में काम कर रहे राज्य साइबर क्राइम डिवीजन ने मई 2025 से अब तक 57 मामले दर्ज किए हैं और 56 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें हाई-प्रोफाइल और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर किए गए साइबर अपराध शामिल हैं।
वहीं, जिला और कमिश्नरेट स्तर पर काम कर रही साइबर क्राइम टीमों ने विभिन्न मामलों में 673 आरोपियों को गिरफ्तार कर कई ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
पुलिस जांच में कंबोडिया और दक्षिण-पूर्व एशिया से जुड़े साइबर ठगी गिरोहों का भी खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि कुछ ट्रैवल एजेंट और प्लेसमेंट कंसल्टेंट लोगों को नौकरी का लालच देकर विदेश भेजते थे, जहां उन्हें साइबर फ्रॉड सेंटरों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
इसके अलावा, पंजाब पुलिस ने म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 23 एटीएम कार्ड, दो लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, 14 चेक बुक, फर्जी बैंक और केवाईसी दस्तावेज, छह मुहरें, 5,100 यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) और बैंक खातों में जमा लगभग 20 लाख रुपये बरामद किए गए।
मई 2025 से अब तक राज्य के साइबर क्राइम थानों ने नौ एफआईआर दर्ज कर पांच म्यूल अकाउंट मॉड्यूल का भी खुलासा किया है।
पुलिस ने कपूरथला में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भी पर्दाफाश किया है, जहां से अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को निशाना बनाकर बिटकॉइन और हवाला के जरिए ठगी की जा रही थी। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।



