गांधीनगर। गुजरात में छात्राओं की पढ़ाई और मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर सरकार ने नई पहल शुरू की है। शिक्षा विभाग के मुताबिक, कक्षा 6 से 12 तक सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली 10 लाख से ज्यादा छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस योजना के लिए सरकार ने करीब 46.68 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। प्रत्येक छात्रा के लिए सालाना 360 रुपये का प्रावधान होगा और हर महीने स्कूलों के जरिए अच्छी गुणवत्ता वाले ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन वितरित किए जाएंगे।
योजना की निगरानी के लिए प्रत्येक स्कूल में एक महिला शिक्षक को नोडल टीचर बनाया जाएगा। वह वितरण व्यवस्था संभालने के साथ छात्राओं को मासिक धर्म और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी जरूरी जानकारी भी देंगी।
सरकार ने इस्तेमाल किए गए पैड के सुरक्षित निपटारे पर भी जोर दिया है। स्कूलों को कचरा प्रबंधन नियमों के तहत सैनिटरी नैपकिन के उचित डिस्पोजल की व्यवस्था करनी होगी और इंसिनरेटर जैसी मशीनों को चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इस पहल से छात्राओं को पीरियड्स के दौरान जरूरी सुविधाएं मिलेंगी और स्कूलों में उनकी नियमित उपस्थिति बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।


