Sunday, August 30, 2026
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Himachal Pradesh में भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी’, चार जिलों में स्कूल रहेंगे बंद

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मौसम विभाग द्वारा रविवार को भारी से बहुत भारी वर्षा के लिए जारी किए गए

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मौसम विभाग द्वारा रविवार को भारी से बहुत भारी वर्षा के लिए जारी किए गए ‘रेड’ अलर्ट (Red Alert) के मद्देनजर कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और सोलन जिलों के उपायुक्तों को 30 जून को स्कूल बंद रखने का निर्देश दिया है।
मौसम विभाग ने रविवार शाम को जारी संशोधित चेतावनी में कहा, ‘‘सोमवार शाम तक कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और शिमला जिलों में अलग-अलग स्थानों पर तथा कुल्लू और चंबा जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।’’
स्कूल बंद रखने के दिए निर्देश दिया
रविवार शाम यहां जारी एक बयान के अनुसार सुक्खू ने कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और सोलन के उपायुक्तों को छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को स्कूल बंद रखने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन ने भूस्खलन, पेड़ों के उखड़ने, अचानक बाढ़ आने और सड़क अवरुद्ध होने के संभावित खतरे के कारण आईआईटी-मंडी, लाल बहादुर शास्त्री सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल और अन्य चिकित्सा संस्थानों को छोड़कर जिले के सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों के लिए अवकाश घोषित कर दिया।कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने भी आवासीय संस्थानों को छोड़कर जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश का “रेड अलर्ट” जारी
शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार को हिमाचल प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश का “रेड अलर्ट” जारी किया, वहीं शिमला-कालका रेल लाइन पर सेवाएं रात भर हुई बारिश के बाद पटरियों पर गिरे मलबे और पेड़ों को हटाए जाने तक घंटों तक स्थगित रहीं। राज्य के 12 जिलों में से 10 जिलों- बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर, ऊना, कुल्लू और चंबा के लिए 29 जून को भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है।मौसम विभाग ने भूस्खलन, जलभराव, कमजोर ढांचों को नुकसान, यातायात जाम और आवश्यक सेवाओं में व्यवधान की चेतावनी दी है।
पिछले 24 घंटों में तीन लोगों की मौत
पिछले 24 घंटों में बारिश से संबंधित घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में मानसून की शुरुआत से मरने वालों की संख्या 20 हो गई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने बताया कि ऊना और बिलासपुर जिलों में एक-एक व्यक्ति डूब गया, जबकि शिमला जिले में ऊंचाई से गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
भूस्खलन से यातायात प्रभावित
शिमला और चंडीगढ़ को जोड़ने वाले शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-5) पर कोटी के निकट भूस्खलन से सड़क के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके परिणामस्वरूप यातायात प्रभावित हुआ। सोलन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव सिंह ने रविवार को कहा कि भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हुए एनएच 5 पर चक्की मोड़ के पास यातायात बहाल कर दिया गया है और पुलिस दल यातायात की आवाजाही में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जंगेशु मार्ग पर भी मलबा गिरने से वैकल्पिक रास्ता बंद है, जिसे साफ किया जा रहा है। रास्ता साफ होने पर, कसौली से चंडीगढ़ की ओर जाने वाले यातायात को जंगेशु के रास्ते भेजा जाएगा।
2023 में भारी बारिश के कारण हुआ भारी नुकसान
वर्ष 2023 में भारी बारिश के कारण राज्य में भारी नुकसान हुआ था, जब मौसम विभाग ने जुलाई और अगस्त के महीनों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया था। हिमाचल प्रदेश में अब तक की सबसे भीषण मानसून आपदा में 550 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
शिमला-कालका रेल लाइन बंद
शिमला-कालका यूनेस्को विश्व धरोहर रेल मार्ग पर कोटी क्षेत्र के पास पटरियों पर चट्टानें और पेड़ गिर गए, जिससे ट्रेन सेवाएं अवरूद्ध हो गईं। मरम्मत का कार्य जारी है। सुबह आने वाली पहली ट्रेन कोटी स्टेशन पर फंस गई, जबकि अन्य ट्रेन गुम्मान और कालका स्टेशनों पर रोकी गईं। घंटों इंतजार करते और अपना गुस्सा जाहिर करते यात्रियों के वीडियो भी ऑनलाइन सामने आ रहे हैं। कोटी ही नहीं बल्कि शिमला तक जगह-जगह पत्थर, पेड़ और मलबा गिरा है।
सोलन में हिमुडा कॉम्प्लेक्स को जोड़ने वाले मार्ग पर एक पुल बहा
सोलन के बड़ोटीवाला औद्योगिक क्षेत्र में ट्रक यूनियन के पास स्थित हिमुडा कॉम्प्लेक्स को जोड़ने वाले मार्ग पर एक पुल बह गया है, जिससे मंधाला और बग्गूवाला की ओर जाने वाली सड़क पर यातायात रुक गया है। बद्दी क्षेत्र की बालद नदी उफान पर है और झड़माजरी के पास रौद्र रूप में बह रही है, जिससे आसपास के इलाकों में नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
घरों में फुट तक पानी भरा
झड़माजरी की शिवालिक नगर कॉलोनी में करीब 20 घरों में चार फुट तक पानी भर गया है। यहां हर साल बारिश में जलभराव की समस्या सामने आती है। इस बीच, मंडी की जुनी खड्ड और व्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के अधिकारियों ने बताया कि ब्यास नदी में लगभग 44,000 क्यूसेक पानी बह रहा है और गाद स्तर 4,000 पीपीएम तक पहुंच गया है, जिसके चलते बग्गी सुरंग बंद कर दी गई है और देहर पावर हाउस में बिजली उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
बारिश के कारण राज्य में 129 सड़कें बंद
बारिश के कारण राज्य में 129 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि 612 ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। सड़कों को सबसे ज्यादा नुकसान सिरमौर और मंडी जिलों में हुआ है, जहां क्रमश: 57 और 44 सड़कें अवरुद्ध हैं।
‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी
स्थानीय मौसम कार्यालय ने सोमवार को राज्य के कुछ हिस्सों के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है और पांच जुलाई तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा, बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और ऊना जिलों के हिस्सों में बाढ़ की चेतावनी दी गई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 20 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से बारिश संबंधी घटनाओं में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोग लापता हैं।
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