Thursday, August 27, 2026
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होर्मुज संकट के बीच अमेरिका ने भारत को दी बड़ी राहत, रूसी तेल खरीदने की बढ़ाई छूट

 मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े संकट के बीच अमेरिका ने भारत सहित कुछ देशों को बड़ी राहत दी है।

अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए दी गई छूट को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब कुछ दिन पहले ही अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया था कि इस छूट को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
एक महीने के लिए बढ़ी छूट
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी वित्त विभाग ने शुक्रवार देर रात नया लाइसेंस जारी किया। इसके तहत अब 16 मई तक रूसी तेल लेकर चल रहे जहाजों के साथ लेनदेन की अनुमति दी गई है। इसका मतलब है कि भारत जैसे देश इस अवधि तक रूस से तेल खरीद सकते हैं। यह नई छूट पहले दी गई 30 दिन की अनुमति के बाद आई है, जो 11 अप्रैल को खत्म हो गई थी। अब बढ़ाई गई अवधि सीमित शर्तों के साथ लागू होगी।
किन देशों पर लागू नहीं होगी छूट
अमेरिका ने साफ किया है कि इस छूट के तहत ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया से जुड़े किसी भी तेल लेनदेन की अनुमति नहीं होगी। यानी इन देशों से तेल खरीदने पर अब भी प्रतिबंध जारी रहेगा। दो दिन पहले ही अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि रूस और ईरान के तेल के लिए दी गई सामान्य छूट को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। उनका कहना था कि यह छूट उन जहाजों के लिए थी, जिनमें 11 मार्च से पहले तेल लादा जा चुका था और अब उसका उपयोग लगभग पूरा हो चुका है।
उन्होंने यह भी बताया था कि मार्च में दी गई छूट के कारण बड़ी मात्रा में तेल वैश्विक बाजार तक पहुंचा, जिससे युद्ध के दौरान ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव कम हुआ। हालांकि, इस फैसले की अमेरिका के भीतर ही आलोचना हुई थी। कई नेताओं का मानना था कि ऐसी छूट देने से रूस और ईरान की अर्थव्यवस्था को फायदा मिलता है।
रूस की प्रतिक्रिया
रूस की ओर से भी इस फैसले पर प्रतिक्रिया आई थी। रूसी राष्ट्रपति के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव ने कहा था कि पिछली छूट से बड़ी मात्रा में रूसी कच्चा तेल बाजार में पहुंच सकता है, जो वैश्विक आपूर्ति को प्रभावित करता है।
होर्मुज संकट का असर
इस पूरे मामले के पीछे होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट भी एक बड़ी वजह है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से पहले लगभग 20% तेल और गैस का परिवहन होता था। हाल के तनाव और आंशिक बंद के कारण तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है।
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