Thursday, August 27, 2026
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Jalandhar लक्की मर्डर केस: जोगा के 10 साथी पकड़े, शूटर गुरताज की तलाश में 10 जगह छापे

जालंधर के चर्चित लक्की ओबेरॉय हत्याकांड में पुलिस ने एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाते हुए 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

मर्डर के 38 दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य शूटर गुरताज सिंह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जांच में सामने आया है कि अमेरिका में छिपे मुख्य साजिशकर्ता जोगा फोल्डीवाल के इशारे पर स्थानीय स्तर पर शूटर को फंडिंग और हथियार मुहैया कराए जा रहे थे। पुलिस ने शहर में 10 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर जोगा के नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश की है, जिसमें दो बेहद करीबी साथियों को भी राउंडअप किया गया है।
38 दिनों से पुलिस के हाथ खाली लक्की ओबेरॉय की हत्या को एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन मुख्य शूटर गुरताज सिंह का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस के लिए सबसे बड़ी पहेली यह बनी हुई है कि ‘बहराम’ से शूटर को सुरक्षित बाहर किसने निकाला और वर्तमान में उसे शरण किसने दे रखी है। पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं, लेकिन शूटर बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा है।
CCTV में कैद शूटर गुरताज की फोटो।
CCTV में कैद शूटर गुरताज की फोटो।
अमेरिका से जुड़ रहे हैं साजिश के तार पुलिस की जांच का रुख अब अमेरिका में बैठे मास्टरमाइंड जोगा फोल्डीवाल की ओर मुड़ गया है। जांच अधिकारियों का मानना है कि जोगा फोल्डीवाल विदेशों से अपने नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है। इसी नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने ‘जोगा ग्रुप’ से जुड़े 10 युवकों को हिरासत में लिया है। इनमें से दो युवक जोगा के खास गुर्गे बताए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर उसके संपर्क में थे।
फंडिंग और नशे के काले कारोबार का शक पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए इन युवकों पर केवल हत्या की साजिश में शामिल होने का ही शक नहीं है, बल्कि वे अवैध हथियारों (असलहा) और ‘चिट्टे’ के व्यापार में भी लिप्त हैं। पुलिस को पुख्ता इनपुट मिले हैं कि लक्की ओबेरॉय की हत्या के लिए जरूरी फंडिंग इसी नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई थी। पकड़े गए संदिग्धों से अब गहनता से पूछताछ की जा रही है ताकि शूटर गुरताज तक पहुंचा जा सके। पुलिस को गच्चा देकर भागने की कोशिश छापेमारी के दौरान एक हाई-वोल्टेज ड्रामा भी देखने को मिला।
जब पुलिस की टीम एक आरोपी को तिलक नगर इलाके में हथियार बरामद करवाने के लिए ले गई थी, तो वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के कारण उसे महज दो घंटे के भीतर दोबारा दबोच लिया गया। इस घटना के बाद आरोपियों की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। इस दौरान पकड़े गए सभी 10 युवकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इनमें से कौन-कौन सीधे तौर पर जोगा के संपर्क में थे। साथ ही, लक्की के घर, दफ्तर और बहराम एरिया के मोबाइल टावर डंप डेटा की मदद से उनकी लोकेशन का मिलान किया जा रहा है ताकि हत्याकांड में उनकी भूमिका स्पष्ट हो सके।
अगले हमले की साजिश का डर पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि जोगा फोल्डीवाल अभी शांत नहीं बैठा है। पुलिस को अंदेशा है कि वह शूटर गुरताज सिंह के जरिए अपने दो अन्य दुश्मनों पर भी हमला करवाने की फिराक में है। इसी खतरे को देखते हुए पुलिस विभाग अलर्ट पर है और संभावित ठिकानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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