Friday, August 21, 2026
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आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’: Kashmir और Ukraine मुद्दे पर Jaishankar का पोलैंड को क्लियर कट मैसेज

कश्मीर से लेकर यूक्रेन के मुद्दों पर बयानबाजी को लेकर भारत ने पोलैंड को दो टूक संदेश दिया है।

कश्मीर से लेकर यूक्रेन तक के मुद्दों पर बयानबाजी को लेकर भारत ने पोलैंड को दो टूक संदेश दिया है। नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री और उपप्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की को साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। जयशंकर का इशारा खासतौर पर अक्टूबर में जारी उस पोलैंड-पाकिस्तान संयुक्त बयान की ओर था, जिसमें कश्मीर का जिक्र किया गया था। उन्होंने कहा कि पोलैंड भारत के पड़ोस में मौजूद आतंकवादी ढांचे को बढ़ावा देने वाली किसी भी कोशिश से दूरी बनाए और “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाए। जयशंकर ने याद दिलाया कि भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद की चुनौती झेल रहा है और इस मुद्दे पर किसी भी तरह का दोहरा रवैया स्वीकार्य नहीं है।

पश्चिमी देशों को लिया निशाने पर

बैठक में यूक्रेन युद्ध को लेकर भी भारत की स्थिति को लेकर खुलकर बात हुई। जयशंकर ने कहा कि रूस के साथ ऊर्जा संबंधों को लेकर भारत को पश्चिमी देशों द्वारा “चुनिंदा तौर पर निशाना बनाया जाना” न सिर्फ गलत है, बल्कि अन्यायपूर्ण भी है। उन्होंने बताया कि वह इस मुद्दे पर पहले भी न्यूयॉर्क और पेरिस में पोलैंड के विदेश मंत्री से अपनी बात साफ कर चुके हैं। इस पर सिकोरस्की ने भी सहमति जताई और माना कि भारत के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। बता दें कि पोलैंड के विदेश मंत्री इस समय तीन दिन की भारत यात्रा पर हैं।

भारत-पोलैंड रिश्तों पर भी जोर

दूसरी ओर जयशंकर ने भारत-पोलैंड रिश्तों में आए सकारात्मक बदलावों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ तकनीक और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। पोलैंड आज मध्य यूरोप में भारत के बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 7 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। जबकि यह पिछले एक दशक में लगभग 200 पर्सेंट बढ़ा है। जयशंकर ने कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के इस दौर में दोनों देशों के बीच खुली और ईमानदार बातचीत पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है।
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