लुधियाना: शहर में नगर निगम और बिजली व्यवस्था की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। रविवार को हुई बारिश के बाद गुरपाल नगर में जलभराव के बीच करंट फैलने से 60 वर्षीय राम लखन की दर्दनाक मौत हो गई। वह पैदल अपने घर लौट रहे थे, तभी पानी में उतरी बिजली की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी जमा होने के कारण बिजली की तार दिखाई नहीं दी, जिससे यह हादसा हुआ।
घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी रोष है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गुरपाल नगर समेत आसपास की कई कॉलोनियों की सड़कें लंबे समय से टूटी हुई हैं। हर बारिश के दौरान यहां जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे आए दिन लोग फिसलकर घायल होते हैं और अब एक व्यक्ति की जान भी चली गई। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम और संबंधित विभागों ने कोई स्थायी समाधान नहीं किया।
स्थानीय लोगों के अनुसार शिमलापुरी, गुरु नानक नगर, कबीर नगर और गुरपाल नगर की कई सड़कें बेहद खराब हालत में हैं। कुछ स्थानों पर बिना बारिश के भी पानी जमा रहता है। शिमलापुरी के दुकानदारों ने बताया कि करीब दो महीने पहले पाइपलाइन की मरम्मत के लिए सड़क खोदी गई थी, लेकिन इसके बाद उसे दोबारा ठीक नहीं किया गया। उनका कहना है कि वर्षों से सड़कें बदहाल हैं, लेकिन न तो अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे और न ही जनप्रतिनिधियों ने समस्या का समाधान कराया।
वार्ड-43 की पार्षद बलजीत कौर ने बताया कि गुरपाल नगर की कई गलियों समेत पूरे क्षेत्र की सड़कें जर्जर हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव और एस्टीमेट तैयार हुआ था, लेकिन बाद में परियोजना को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया। अब दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि केवल वार्ड-43 ही नहीं, शहर के कई अन्य इलाकों में भी सड़कें खराब हैं और जहां नई सड़कें बनी हैं, वहां भी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, बी एंड आर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गुरपाल नगर की गली नंबर-11 की सड़क के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है और इसके बाद निर्माण कार्य कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अन्य इलाकों की खराब सड़कों की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस हादसे के बाद क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क और बिजली व्यवस्था दुरुस्त की गई होती, तो एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकती थी।



