श्रीहरिकोटा: भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपना पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित इस रॉकेट ने शनिवार को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से उड़ान भरी और अपने पेलोड को करीब 450 किलोमीटर ऊंची लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया।
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इस मिशन को ‘मिशन आगमन’ नाम दिया गया था। निर्धारित समय सुबह 11:30 बजे लॉन्च से ठीक पहले तकनीकी प्रक्रिया के तहत काउंटडाउन को कुछ मिनटों के लिए रोका गया, जिसके बाद दोपहर 12:05 बजे रॉकेट ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी।

विक्रम-1 एक ऑर्बिटल-क्लास लॉन्च व्हीकल है, जो 450 किलोमीटर की लो अर्थ ऑर्बिट में 350 किलोग्राम तक का पेलोड पहुंचाने में सक्षम है। इस सफलता के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां निजी कंपनियां भी ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने की क्षमता रखती हैं।

लॉन्च के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “ORBIT ACHIEVED”। कंपनी ने बताया कि विक्रम-1 ने अपना अंतिम चरण सफलतापूर्वक पूरा करते हुए पेलोड को निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया है। यह उपलब्धि भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग और व्यावसायिक स्पेस लॉन्च क्षमताओं के लिए एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है।



