जालंधर: पंजाब के जालंधर-अमृतसर नेशनल हाईवे पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। बिधीपुर स्थित आईटीबीपी कैंप फ्लाईओवर के पास रॉन्ग साइड से आ रही तेज रफ्तार इनोवा कार ने सामने से आ रही स्विफ्ट कार को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन मासूम बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं।
इलाज के दौरान तीन लोगों ने तोड़ा दम
हादसे के बाद सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) और एम्बुलेंस टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकालकर करतारपुर के न्यू ऑर्थो केयर अस्पताल पहुंचाया गया।अस्पताल में इलाज के दौरान 27 वर्षीय प्रियंका तिवारी ने सबसे पहले दम तोड़ दिया। कुछ ही समय बाद उनके 29 वर्षीय पति सुरिंदर शुक्ला और 65 वर्षीय सास जमवंती की भी मौत हो गई।वहीं, दंपति की तीन बेटियां—13 वर्षीय अंशिका, 8 वर्षीय अर्पिता और एक वर्षीय मानवी गंभीर रूप से घायल हैं। तीनों का अस्पताल में इलाज जारी है।
रॉन्ग साइड से आई इनोवा बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्विफ्ट कार में सवार परिवार अमृतसर से जालंधर की ओर जा रहा था। इसी दौरान अमृतसर की तरफ से रॉन्ग साइड पर आ रही एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित इनोवा कार ने सामने से जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्विफ्ट कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे सभी लोग अंदर फंस गए। सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम ने रेस्क्यू कर सभी घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने करतारपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद देर रात तक न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही उनके बयान लिए गए।मृतक सुरिंदर शुक्ला की बहन माया शुक्ला ने बताया कि पूरा परिवार डेरा ब्यास जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर केवल टालमटोल करती रही।माया ने कहा कि सुरिंदर शुक्ला परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। अब परिवार में तीन छोटी बच्चियां बची हैं, जिनमें से दो की दोनों टांगें टूट गई हैं, जबकि एक बच्ची का एक पैर फ्रैक्चर हुआ है। उन्होंने कहा कि अब परिवार को संभालने वाला कोई नहीं बचा है।
हादसे की वजह को लेकर भी विवाद
परिजनों का आरोप है कि हादसा इनोवा के रॉन्ग साइड से आने की वजह से हुआ, लेकिन पुलिस शिकायत में यह लिखा गया कि इनोवा डिवाइडर पार करके दूसरी लेन में पहुंची थी। इसी बात पर पीड़ित परिवार ने शिकायत पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।परिवार का कहना है कि सड़क सुरक्षा फोर्स के अधिकारियों ने मौके पर साफ कहा था कि इनोवा गलत दिशा से आ रही थी। उनका दावा है कि इस बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है।
पुलिस ने क्या कहा?
ड्यूटी अधिकारी पप्पू गिल ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर यातायात भी बहाल कर दिया।उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में इनोवा चालक की लापरवाही सामने आई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि रॉन्ग साइड से वाहन आने की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।
इनोवा चालक की पहचान हुई
पुलिस के मुताबिक, हादसे में घायल इनोवा चालक की पहचान मुकेश चोपड़ा निवासी सेंट्रल टाउन, जालंधर के रूप में हुई है। जिस इनोवा कार से हादसा हुआ, वह जानकी, पत्नी इंद्रपाल चोपड़ा के नाम पर रजिस्टर्ड है। चालक का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
देर रात तक दर्ज नहीं हुए बयान
परिजनों का आरोप है कि देर रात तक पुलिस ने उनके बयान दर्ज नहीं किए। उनका कहना है कि पुलिस शिकायत में हादसे की वास्तविक वजह बदलने की कोशिश की गई, इसलिए उन्होंने उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं, पीड़ित परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।



