पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना शुरू कर दी है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर 1 जुलाई से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने पात्र विद्यार्थियों से 15 नवंबर तक आवेदन करने की अपील की, ताकि वे उच्च शिक्षा के लिए सरकार की आर्थिक सहायता का लाभ उठा सकें।
विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, छात्र 15 नवंबर तक आवेदन कर सकेंगे, जबकि आवेदन में किसी भी त्रुटि को 30 नवंबर तक सुधारा जा सकेगा। सभी शिक्षण संस्थानों को भी 30 नवंबर तक संस्थान स्तर पर आवेदनों का सत्यापन पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद जिला, राज्य और केंद्रीय स्तर के नोडल अधिकारी 15 दिसंबर तक अंतिम सत्यापन करेंगे।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी योग्य छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। यह योजना अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को समान शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने और सामाजिक न्याय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ‘रंगला पंजाब’ के विजन के अनुरूप है, जिसके तहत हर योग्य छात्र को उसकी आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार राज्य में रोजगार के बेहतर अवसर पैदा करने पर भी काम कर रही है, ताकि पढ़े-लिखे युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर भविष्य मिल सके और पलायन को रोका जा सके।
योजना का अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक लाभ पहुंचाने के लिए जिला सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक अधिकारियों को गांवों, शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों में जागरूकता एवं सहायता शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, तकनीकी शिक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण, स्कूल शिक्षा और पशुपालन विभाग सहित सभी संबद्ध शिक्षण संस्थानों को पात्र विद्यार्थियों के आवेदन समय पर भरवाने में सहयोग करने को कहा गया है।
मंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार भविष्य में भी योग्य विद्यार्थियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराती रहेगी, ताकि आर्थिक कठिनाइयां उनकी उच्च शिक्षा में बाधा न बनें।



