Friday, August 28, 2026
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मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस आपातकालीन हृदय उपचार से पंजाब में बच रही हैं अनगिनत जानें, मात्र 5 महीनों में 6,000 से अधिक कार्डियक प्रक्रियाएं सम्पन्न

चंडीगढ़, 1 जुलाई 2026:

जब मालेरकोटला निवासी शेख ज़ीशान कुरैशी को गंभीर हृदय संबंधी समस्या हुई, तब उन्हें तत्काल उपचार की आवश्यकता पड़ी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (पीटीसीए), जिसे सामान्यतः एंजियोप्लास्टी कहा जाता है, के साथ डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम किया।

पीटीसीए एक जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से हृदय की धमनियों में आई रुकावट को दूर कर रक्त प्रवाह को पुनः सामान्य किया जाता है। डॉक्टरों के अनुसार हार्ट अटैक के दौरान हर मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि उपचार में देरी से हृदय को स्थायी क्षति पहुंच सकती है और मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन अनेक परिवारों के लिए आपातकालीन उपचार हेतु तत्काल धन की व्यवस्था करना कठिन होता है, जिसके कारण इलाज में देरी हो जाती है।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के कारण बिना किसी आर्थिक बोझ के समय पर उपचार संभव हो सका — शेख ज़ीशान कुरैशी, लाभार्थी

मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना इस आर्थिक बाधा को समाप्त करते हुए पात्र परिवारों को कैशलेस उपचार उपलब्ध करा रही है। शेख ज़ीशान कुरैशी के मामले में 80,320 रुपये के उपचार का पूरा खर्च मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत वहन किया गया।
शेख ज़ीशान कुरैशी ने कहा, “मेरे और मेरे परिवार के लिए यह बहुत बड़ी राहत थी कि मेरा इलाज समय पर और बिना किसी आर्थिक बोझ के हो गया। मुख्यमंत्री सेहत योजना ने पूरे पंजाब में लोगों के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को और आसान बना दिया है।”

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब के अनुसार, पिछले पांच महीनों में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 6,000 से अधिक कार्डियक प्रक्रियाएं की गई हैं। इनमें अधिकांश पीटीसीए प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिससे मरीजों को अस्पताल के खर्च की चिंता किए बिना तुरंत उपचार मिल सका।
डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम सहित पीटीसीए मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत 64.82 करोड़ रुपये के व्यय के साथ दूसरी सबसे अधिक खर्च वाली उपचार श्रेणी है, जो केवल घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) के बाद आती है। अब तक पंजाब के 6,138 मरीज इस उपचार का लाभ उठा चुके हैं और मरीजों की संख्या के आधार पर यह योजना में छठे स्थान पर है। प्रति मामले औसत उपचार लागत 1,05,611 रुपये (लगभग 1.06 लाख रुपये) रही है, हालांकि प्रत्येक मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार की लागत अलग-अलग हो सकती है।

हार्ट अटैक के दौरान पीटीसीए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जीवनरक्षक उपचार है, जिसे समय पर किया जाना मरीज की जान बचाने के लिए अनिवार्य होता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उपलब्ध कैशलेस सुविधा के कारण अस्पताल आर्थिक औपचारिकताओं की प्रतीक्षा किए बिना तुरंत उपचार शुरू कर सकते हैं।

इसी प्रकार गुरदासपुर जिले की 60 वर्षीय हरजिंदर कौर ने भी मुख्यमंत्री सेहत योजना का लाभ लिया। अमृतसर के महाजन अस्पताल में उनकी पीटीसीए, डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम तथा अस्थायी पेसमेकर प्रत्यारोपण किया गया। उनके पुत्र गुरमीत सिंह, जो एक किसान हैं, ने बताया कि वे अपने स्तर पर इस उपचार का खर्च वहन नहीं कर सकते थे।

उन्होंने कहा, “यदि मेरे पास स्वास्थ्य कार्ड नहीं होता तो मैं अपनी मां का इलाज नहीं करा पाता। उपचार का खर्च हमारी सामर्थ्य से बाहर था। आज मेरी मां मुख्यमंत्री सेहत योजना की बदौलत स्वस्थ हो रही हैं।”

हार्ट अटैक के दौरान हर मिनट कीमती होता है और कैशलेस उपचार डॉक्टरों को बिना किसी देरी के मरीज की जान बचाने का अवसर देता है — डॉ. सौरभ शर्मा

सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंदरा अस्पताल, पटियाला के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ शर्मा ने कहा कि पीटीसीए हार्ट अटैक के मरीजों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आपातकालीन उपचारों में से एक है।

उन्होंने कहा, “इलाज में हर मिनट की देरी से हृदय को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस उपचार उपलब्ध होने से डॉक्टर परिवार द्वारा पैसों की व्यवस्था किए जाने की प्रतीक्षा किए बिना तुरंत इलाज शुरू कर सकते हैं।”

समय पर उपचार के लिए पैसों की व्यवस्था न होने के कारण अब कोई भी परिवार अपने सदस्य को नहीं खोएगा — डॉ. बलबीर सिंह

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पूरे पंजाब में आपातकालीन हृदय उपचार तक लोगों की पहुंच को बेहतर बना रही है।
उन्होंने कहा, “कैशलेस उपचार की सुविधा से मेडिकल आपातकाल के दौरान मरीजों और उनके परिवारों की हिचकिचाहट कम हुई है। अब अधिक से अधिक लोग समय पर अस्पताल पहुंच रहे हैं और डॉक्टर बिना किसी आर्थिक देरी के तत्काल उपचार शुरू कर पा रहे हैं। इससे अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा रही है।”

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत बढ़ रही कार्डियक प्रक्रियाओं की संख्या इस बात का प्रमाण है कि लोगों में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ी है और सरकार समर्थित स्वास्थ्य सेवाओं पर उनका विश्वास मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत पंजाब के परिवारों को कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है, जिसमें अत्याधुनिक हृदय उपचार सहित अनेक प्रकार की चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं।

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