जालंधर, 28 जून:
जिले में रविवार को तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत डिप्टी कमिश्नर श्री वरजीत वालिया के ढाई महीने के बेटे को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पोलियो रोधक बूंदें पिला कर की गई।
माता-पिता से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए श्री वालिया ने कहा कि पांच साल से कम उम्र के प्रत्येक बच्चे को पोलियो बूंदें जरूर पिलाई जाएं ताकि भारत पोलियो मुक्त देश बना रहे। उन्होंने जिलावासियों से स्वास्थ्य विभाग की टीमों को पूरा सहयोग देने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि कोई भी योग्य बच्चा इस अभियान के दौरान कवर होने से वंचित न रह जाए।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि इस अभियान के तहत जिले भर में 2,203 टीमें तैनात की गई है, जिनमें 2,107 हाउस टू हाउस टीमें, 66 मोबाइल टीमें और 30 ट्रांजिट टीमें शामिल है। यह टीमें पांच साल से कम आयु के 1,96,657 बच्चों को पोलियो बूंदें पिलाएंगी। उन्होंने बताया कि ये टीमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 5,41,258 घरों को कवर करने के अलावा 715 उच्च जोखिम वाले स्थानों तक पहुंच बनाएंगी, जिनमें झुग्गी-झोपड़ियां, ईंट भट्ठे, औद्योगिक क्षेत्र, अस्थायी बस्तियां और अन्य संवेदनशील इलाके शामिल है।
इस मौके पर सिविल सर्जन डा. राजेश गर्ग भी मौजूद थे।
उन्होंने आगे कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान की सफलता के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि टीकाकरण अभियान की निगरानी और उचित संचालन के लिए 267 सुपरवाइजर भी तैनात किए गए है।
उन्होंने कहा कि जो बच्चे किसी कारण पहले दिन निर्धारित बूथों से पोलियो बूंदें पीने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें अभियान के बाकी दो दिनों के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पोलियो रोधक बूंदें पिलाएंगी।
इस मौके पर जिला टीकाकरण अधिकारी डा. सिमरनजीत कौर, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डा. मीरा, मैडिकल अधिकारी डा. आदित्यपाल, डेंटल सर्जन (पी.ए.पी.) डा. अनुदीप कौर, डिप्टी एम.ई.आई.ओ. असीम शर्मा व रविंदर जस्सल, आयुर्वेदिक मैडिकल अधिकारी डा. मोनिका, एम.पी.एच.डब्ल्यू (महिला) कल्पना और आशा वर्कर भी मौजूद थी।



