कनाडा सरकार द्वारा आव्रजन (इमिग्रेशन) नियमों में की गई सख्ती का असर अब देश की आबादी पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, कनाडा की आबादी में लगातार तीसरी तिमाही में गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, कनाडा की आबादी में वृद्धि लंबे समय से आव्रजन पर निर्भर रही है, लेकिन अब सरकार के कम आव्रजन लक्ष्यों के कारण यह संतुलन बिगड़ रहा है। इस महीने की शुरुआत में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी कहा था कि देश में तकनीकी मंदी और लगातार दो तिमाहियों में विकास में आई कमी, आंशिक रूप से गिरते आव्रजन के कारण हो सकती है।
‘स्टैटिस्टिक्स कनाडा’ के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2026 की पहली तिमाही में देश की आबादी 0.1 प्रतिशत घटकर 4.14 करोड़ रह गई है। इस तिमाही के दौरान आबादी में लगभग 55,025 लोगों की कमी आई है। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच नए स्थायी निवासियों की संख्या में 20.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अस्थायी निवासियों की संख्या में भी 1,17,879 की बड़ी कमी आई है। हालांकि, संख्या में आई इस गिरावट के लिए केवल गैर-स्थायी निवासी ही जिम्मेदार नहीं हैं, इस श्रेणी में अंतर्राष्ट्रीय छात्र और अस्थायी कर्मचारी भी शामिल हैं।
आव्रजन विभाग (IRCC) ने वर्ष 2026 के लिए आव्रजन कोटे में काफी कटौती की है। सरकार का मुख्य लक्ष्य 2027 के अंत तक अस्थायी आबादी को कुल आबादी के 5 प्रतिशत से नीचे लाना है। आव्रजन वकीलों के अनुसार, बढ़ती महंगाई, रहन-सहन की ऊंची लागत और सार्वजनिक दबाव के कारण सरकार ने स्टडी परमिट, वर्क परमिट और फैमिली क्लास इमिग्रेशन पर शिकंजा कसा है।


