Friday, August 28, 2026
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पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज, नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं; सरकार ने कानून और अदालतों के फैसलों का दिया हवाला

नई दिल्ली: पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण न मानने संबंधी विदेश मंत्रालय के हालिया बयान पर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कोई नया निर्णय या नीति परिवर्तन नहीं है। सरकार का कहना है कि भारतीय कानून के तहत पासपोर्ट को कभी भी नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं माना गया है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि यह धारणा नई नहीं है और न ही हाल के वर्षों में इसमें कोई बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट जारी करने से जुड़े कानूनी प्रावधानों में भी इसे नागरिकता का पुख्ता प्रमाण नहीं माना गया है।

सूत्रों के मुताबिक, पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय द्वारा दिए गए बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस शुरू हो गई थी। कुछ विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया था कि यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो इसे केवल यात्रा दस्तावेज क्यों बताया जा रहा है।

सरकार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पासपोर्ट का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुगम बनाना है। यह व्यक्ति की पहचान और राष्ट्रीयता से संबंधित जानकारी तो दर्शाता है, लेकिन नागरिकता का अंतिम कानूनी निर्धारण नागरिकता अधिनियम और संबंधित कानूनों के तहत किया जाता है।

सरकारी सूत्रों ने पासपोर्ट अधिनियम, 1967 का हवाला देते हुए कहा कि कानून में कुछ विशेष परिस्थितियों में गैर-भारतीय नागरिकों को भी पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज जारी करने का प्रावधान है। अधिनियम की धारा 20 के अनुसार, यदि जनहित में आवश्यक समझा जाए तो केंद्र सरकार किसी गैर-नागरिक को भी पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज जारी कर सकती है। यही प्रावधान स्पष्ट करता है कि केवल पासपोर्ट का होना भारतीय नागरिकता का स्वतः प्रमाण नहीं माना जा सकता।

सरकार ने यह भी कहा कि विभिन्न अदालतें भी इस संबंध में अपना दृष्टिकोण स्पष्ट कर चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार, बंबई हाईकोर्ट सहित कई न्यायिक फैसलों में कहा गया है कि पासपोर्ट अपने आप में नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं है।

विवाद के बीच सरकार ने मीडिया और आम जनता से नागरिकता और यात्रा दस्तावेज के बीच अंतर को समझने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और अन्य जांच प्रक्रियाएं पहले की तरह सख्ती से जारी रहेंगी और उनकी अहमियत में कोई कमी नहीं आएगी।

विदेश मंत्रालय ने भी दोहराया है कि पासपोर्ट एक सुरक्षित और महत्वपूर्ण यात्रा दस्तावेज है, जिसे विस्तृत जांच के बाद जारी किया जाता है। हालांकि इसका प्राथमिक उद्देश्य विदेश यात्रा को सुविधाजनक बनाना है, जबकि नागरिकता से जुड़े कानूनी मामलों का निर्धारण अलग कानूनों के तहत किया जाता है।

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