जालंधर : अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) दिव्या पी. ने आज 28 जून से शुरू होने वाले तीन दिवसीय इम्यूनाइजेशन पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों का जायजा लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान के तहत हर बच्चे को कवर करने के लिए ठोस उपाय किए जाएं, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो रोधक बूंदें पीने से वंचित न रहे।

इस संबंध में यहां जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में सिविल सर्जन डा. राजेश गर्ग सहित जिला टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने स्वास्थ्य स्टाफ को पूर्ण तनदेही से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जन्म से लेकर 5 साल की उम्र तक का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।उन्होंने कहा कि हाई रिस्क क्षेत्रों, स्लम एरिया, झुग्गी-झोपड़ियों, इंडस्ट्रियल एरिया, ईंट के भट्टों आदि स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाए और 5 वर्ष की आयु तक के प्रत्येक बच्चे को इस राउंड के तहत कवर किया जाए।उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत लोग 28 जून को अपने नजदीकी बूथ पर जाकर 5 साल तक के बच्चों को पोलियो रोधक बूंदें पिला सकते है। यदि किसी कारण कोई बच्चा पोलियो बूंदें पीने से वंचित रह जाता है तो 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पोलियो बूंदें पिलाएंगी।

अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने जिला वासियों से अपील की कि वह स्वास्थ्य विभाग की टीमों का सहयोग करते हुए अपने 0 से 5 साल तक के बच्चों को पोलियो रोधक बूंदें पिलाकर उन्हें पोलियो से सुरक्षित करें।सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि जिले में पोलियो अभियान 28, 29 और 30 जून के लिए कुल 2203 टीमों का गठन किया गया है, जिनमें 2107 हाउस-टू-हाउस टीमें, 66 मोबाइल टीमें और 30 ट्रांजिट टीमें शामिल है। इन टीमों द्वारा पूरे जिले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 5,41,258 घरों को कवर करते हुए 0 से 5 साल तक की उम्र के 1,96,657 बच्चों को पोलियो रोधक बूंदें पिलाई जाएंगी। पोलियो टीमों द्वारा जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 715 हाई रिस्क क्षेत्र भी कवर किए जाएंगे। इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे जिले में 267 सुपरवाइजर भी तैनात किए गए है।
बैठक के दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी डा. सिमरनजीत कौर और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।



