लुधियाना: 21 जून को होने वाले नीट यूजी 2026 री-एग्जाम को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस परीक्षा में देशभर के 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों को 20 और 21 जून को एमबीबीएस समेत अन्य मेडिकल छात्रों के लिए छुट्टियां घोषित न करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान नियमित शैक्षणिक गतिविधियां जारी रहेंगी और केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही अवकाश दिया जा सकेगा। साथ ही विद्यार्थियों को परीक्षा समाप्त होने तक कैंपस में ही रखने के लिए कहा गया है।
शिक्षा मंत्रालय की सिफारिश के आधार पर जारी की गई इस एडवाइजरी का उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की अनियमितता पर रोक लगाना है। एनएमसी ने कहा कि पहले कुछ मेडिकल छात्रों के संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी सामने आई थी, जिसके मद्देनजर संस्थानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेजों को कैंपस में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, छात्रों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और उन्हें किसी भी संदिग्ध या अवांछित गतिविधि से दूर रहने के लिए जागरूक करने को कहा गया है।
गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 की परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के मामले के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी थी। अब 21 जून को दोबारा आयोजित होने जा रही इस परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल होंगे। एनएमसी ने सभी संस्थानों से निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि परीक्षा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहे।


