कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कारनी ने देश में चल रही ‘तकनीकी मंदी’ के मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया है कि उनकी सरकार द्वारा इमिग्रेशन (आप्रवासन) को कम करने का फैसला ही देश की आर्थिक कमजोरी का एक बड़ा कारण बन रहा है।
हाल ही में कनाडा की आधिकारिक डेटा एजेंसी ‘स्टैटिस्टिक्स कनाडा’ (StatCan) ने एक रिपोर्ट जारी की थी कि इस साल की पहली तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था में 0.1\% की गिरावट दर्ज की गई है। लगातार दो तिमाहियों में आर्थिक गिरावट होने के कारण इसे कानूनी और आर्थिक भाषा में ‘तकनीकी मंदी’ (Technical Recession) कहा जाता है।
इस संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री कारनी ने कहा, “हम अर्थव्यवस्था में कमजोरी देख रहे हैं, जो कि सरकार के स्पष्ट फैसलों के कारण है। हमने इमिग्रेशन पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है, जिसका मतलब है कि जनसंख्या की विकास दर पिछली तिमाहियों से मंदी रही है।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार एक मजबूत और अधिक स्वतंत्र कनाडाई अर्थव्यवस्था की नींव रख रही है, लेकिन इस दौरान आर्थिक आंकड़े उतार-चढ़ाव वाले रह सकते हैं। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि कनाडा प्रशासन देश के इमिग्रेशन नियमों में थोड़ी ढील दे सकता है, ताकि प्रवासी पहले की तरह यहाँ आकर अर्थव्यवस्था के सुधार में अपना योगदान दे सकें।


