पंजाब में शिक्षा के नाम पर अभिभावकों की आर्थिक लूट अब पूरी तरह बंद होने जा रही है。मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य के सभी निजी स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए नियमों के तहत, अब राज्य का कोई भी प्राइवेट स्कूल सालाना 5% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा।
इस बड़े फैसले की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- सभी अनिवार्य फंड शामिल: फीस बढ़ोतरी की यह 5% की सीमा केवल ट्यूशन फीस तक सीमित नहीं होगी। स्कूल द्वारा लिए जाने वाले सभी अनिवार्य फंड और शुल्क भी इसी दायरे में आएंगे।
- अतिरिक्त फीस होगी वापस: जिन निजी स्कूलों ने पिछले 3 वर्षों के दौरान 15% से अधिक फीस बढ़ाई है, उनके लिए वह अतिरिक्त राशि अभिभावकों को तुरंत वापस (रिफंड) करना अनिवार्य होगा।
- जल्द आएगा अध्यादेश: इस नियम को पूरी सख्ती से लागू करने के लिए सरकार जल्द ही एक अध्यादेश (Ordinance) ला रही है। इसके बाद इसे आगामी विधानसभा सत्र में कानून के रूप में पारित किया जाएगा。
- कोई छूट नहीं: इस नए कानून के दायरे से किसी भी प्राइवेट स्कूल को कोई रियायत या छूट नहीं मिलेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और बार-बार गलती करने पर उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।