Thursday, August 27, 2026
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भारत के लिए राहत भरी खबर, होर्मुज संकट के बीच एक और LPG जहाज सुरक्षित निकला

 ईरान पर 28 फरवरी को हुए हमले के बाद से पश्चिम एशिया का रणनीतिक समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तनाव का केंद्र बना हुआ है।

इस अहम जलमार्ग पर बढ़ते खतरे के कारण कई तेल और गैस से लदे जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई। हालांकि अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती दिख रही है और भारत के लिए राहत भरी खबरें सामने आ रही हैं।
‘ग्रीन आशा’ ने पार किया संवेदनशील जलमार्ग
भारत के लिए एक बड़ी राहत तब मिली जब LPG कैरियर “ग्रीन आशा” ने सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर लिया। इससे पहले “ग्रीन सान्वी” भी इस खतरनाक रास्ते से गुजर चुका है। इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही से यह संकेत मिलता है कि राजनयिक प्रयासों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का असर दिखने लगा है।
अब इस क्षेत्र में केवल एक भारतीय जहाज “जग विक्रम” बचा हुआ है, जो फिलहाल सुरक्षित मार्ग के लिए निर्देशों का इंतजार कर रहा है। भारतीय नौसेना और संबंधित एजेंसियां उसकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में जुटी हैं।
भारत पहुंच रहे LPG टैंकर
करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर लौट रहा “ग्रीन सान्वी” 7 अप्रैल तक गुजरात के दहेज बंदरगाह पहुंच सकता है। वहीं अन्य जहाज भी अलग-अलग भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं या माल उतारने की प्रक्रिया में हैं। मुंबई के पास BW TYR जहाज ‘शिप-टू-शिप’ ट्रांसफर के जरिए अपना कार्गो उतार रहा है, जबकि BW ELM को चेन्नई के एन्नोर पोर्ट की ओर भेजा गया है।
पिछले सप्ताह “जग वसंत” कांडला बंदरगाह पहुंचा, वहीं “पाइन गैस” ने न्यू मैंगलोर में LPG की आपूर्ति की। इन गतिविधियों से देश में गैस सप्लाई की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है।
अब भी कई भारतीय जहाज फंसे
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, अभी भी बड़ी संख्या में भारतीय जहाज खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं। लगभग 16 जहाज फारसी खाड़ी में, 4 ओमान की खाड़ी में, एक अदन की खाड़ी में और दो लाल सागर में हैं। इनमें से कई जहाज सरकारी कंपनी “शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया” से जुड़े हैं, जो स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा प्राथमिकता
पूरे खाड़ी क्षेत्र में करीब 20 हजार भारतीय नाविक कार्यरत हैं, जिनमें से सैकड़ों सीधे इस संवेदनशील क्षेत्र में तैनात हैं। अब तक 1,400 से अधिक नाविकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जो सरकार और शिपिंग कंपनियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
वैश्विक असर पर भारत की नजर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस गुजरती है। यहां किसी भी प्रकार का तनाव वैश्विक बाजार और ऊर्जा कीमतों को प्रभावित कर सकता है। भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इस स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।
कुल मिलाकर, हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं, लेकिन भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी से राहत जरूर मिली है। आने वाले दिनों में “जग विक्रम” की सुरक्षित वापसी पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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