Tuesday, September 1, 2026
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बाढ़ के बाद मंडराया बीमारियों का खतरा; 11 दिन में 75 कैंप लगेंगे, हाई रिस्क इलाकों से भरे 20 वाटर सैंपल

सतलुज का जलस्तर कुछ घटने से बेशक कुछ राहत मिली है लेकिन बाढ़ के बाद अब बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है।

सतलुज का जलस्तर कुछ घटने से बेशक कुछ राहत मिली है लेकिन बाढ़ के बाद अब बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। नीची मंगली में डायरिया के तीन मरीज भी सामने आ चुके हैं, जिसके बाद सेहत विभाग ने मंगलवार को इलाके में टीमें भेजकर सव्रे करवाया। इन टीमों ने इलाके में ओआरएस के पैकेट बांटे। डिस्ट्रिक्ट एपीडीमोलॉजिस्ट डॉ. रमणप्रीत ने बताया कि यहां पर तीन मरीज ही सामने आए हैं। बाकी जगहों से भी इक्का-दुक्का स्कैटर्ड केस ही सामने आ हैं लेकिन हमारी टीमें पूरी तरह से सक्रिय हैं। सिविल सजर्न ने बताया कि एसएमओ साहनेवाल डॉ.रमेश ने नीची मंगली व ऊची मंगली में टीमें भेजकर सव्रे करवा लिया है। वहां पर स्थिति अंडर कंट्रोल में है।
उधर, बीमारियों के बढ़े खतरे के बीच सेहत विभाग ने अगले दिनों में 75 कैंप लगाने की योजना बनाई है। यह कैंप बाढ़ या बारिश से प्रभावित इलाकों में लगाए जाएंगे। कैंप आज से शुरू हो जाएंगे और 20 सितंबर तक जारी रहेंगे। सिविल सजर्न डॉ. रमणदीप कौर ने बताया कि हाई रिस्क शहरी इलाकों में सात कैंप पहले से ही चल रहे हैं। हमारे शहरी 47 आम आदमी क्लीनिकों में स 31 क्लीनिक बुढ्डा दरिया के आसपास के इलाकों में हैं। इन क्लीनिकों में बरसाती पानी से होने वाली सभी बीमारियों की दवाइयां उपलब्ध हैं। इसके अलावा सिधवां बेट, कूमकलां व माछीवाड़ा साहिब में भी कैंप लगाए गए हैं। ससराली व गढी फाजल में भी कैंप लगाए गए हैं। कई जगहों पर राऊंड द क्लॉक कैंप चल रहे हैं। इनमें कई और एरिया एड करके 20 सितंबर तक 75 और कैंप लगाने की योजना बनाई गई है।
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