पंजाब पुलिस और सरकार नशे और नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कड़ी लड़ाई लड़ रही है।
पंजाब पुलिस और सरकार नशे और नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कड़ी लड़ाई लड़ रही है। पहले जहाँ नशे की कमाई से बनी संपत्ति को ध्वस्त किया जा रहा था, वहीं बाघापुराना से एक नई पहल हुई है, जहां नशा बेचने वाले एक नशा तस्कर द्वारा बनाए गए 6 मरले के मकान को सील कर दिया गया और उसे कुर्क करने के आदेश दिए गए। इस मकान को पहले 2020 में फ्रीज किया गया था, जिस पर कार्रवाई के बाद अब इसे नीलाम करने के आदेश दिए गए हैं।
आज डीएसपी बाघा पुराना दलबीर सिंह और एसएचओ जतिंदर सिंह व उनकी टीम ने नायब तहसीलदार बाघा पुराना आशु प्रभाष जोशी की मौजूदगी में कानूनी तौर पर पूरी प्रक्रिया पूरी की। डीएसपी बाघा पुराना दलबीर सिंह ने बताया कि यह मकान रजनी बाला पत्नी महिंदरपाल के नाम पर है जो जसवाल वाली गली बाघा पुराना में स्थित है। यह जो मकान बना है वह ड्रग तस्करी की कमाई से बना है। रजनी बाला के खिलाफ केस नंबर 40 साल 2015 का है जिसमें रजनी बाला से 260 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी।
उस केस में सबसे पहले हमने उसे फ्रीज किया और वहां के एसएचओ ने उसे फ्रीज किया और ऑर्डर कन्फर्मेशन के लिए सक्षम अथॉरिटी दिल्ली को भेजा। उनके द्वारा उस ऑर्डर को 2020 में कन्फर्म किया गया। उस समय इस मकान की कीमत करीब 23 लाख थी और इसकी एक कार भी जब्त की गई थी जो कि रजनी बाला के बेटे के नाम पर है वह कार थाने में खड़ी है।
केस में सजा होने के बाद हमने फिर भेजा कि प्रॉपर्टी को फोरक्लोज किया जाए ताकि सरकार प्रॉपर्टी ले सके और फिर उसे अटैच करवा कर नीलामी में बेच सके। नशा तस्करों के खिलाफ पंजाब पुलिस की यह एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह मोगा की पहली कार्रवाई है, एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्ती का यह पहला मामला है और हमें इसमें सफलता मिली है और हो सकता है कि यह पंजाब का भी पहला मामला हो, लेकिन मेरी जानकारी में, अपनी 30 साल की नौकरी में, मैंने ऐसा कोई मामला नहीं देखा जहां किसी नशा तस्कर की संपत्ति जब्त की गई हो। हम जल्द से जल्द इस नीलामी प्रRिया को लागू करने की कोशिश करेंगे।