शेरपुर में खाली प्लाट में नीले ड्रम में हाथ-पांव बंधे मिले शव का मामला पुलिस ने सुलझा लिया।
शेरपुर में खाली प्लाट में नीले ड्रम में हाथ-पांव बंधे मिले शव का मामला पुलिस ने सुलझा लिया। मृतक की पहचान मनोज कुमार चौधरी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। थाना डिवीजन नंबर छह की पुलिस और सेफ सिटी में तैनात पुलिस ने मिलकर इस ब्लाइंड मर्डर को 36 घंटें में सुलझा लिया। पुलिस ने मनोज कुमार चौधरी की हत्या के मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें तीन सगे भाई, उनके माता-पिता व एक अन्य व्यक्ति का नाम शामिल है।
पूरी रात व अगले दिन शव को घर छुपाकर रखा
हत्यारों ने मनोज की हत्या 23 जून रात को की और उस पूरी रात व अगले दिन उन्होंने शव को घर में ही छुपाकर रखा। 24 जून को शव के हाथ-पांव बांधकर प्लास्टिक थैले में पैक करके नीले ड्रम में डाला और रात दस बजे ड्रम को ई-रिक्शा पर रखकर शेरपुर के पास लेकर आए। इसके बाद आरोपी ड्रम को खाली प्लाट में फैंक कर घर चले गए। हत्यारों की पहचान नीरज, सीडू, फागू प्रसाद (नीरज के पिता), ऊषा देवी (नीरज की मां) और नीरज के दो नाबालिग भाइयों के रूप में हुई है। एक ही परिवार के पांच आरोपी मूल रूप से बिहार के हैं, जबकि सीडू उत्तर प्रदेश का कहने वाला है। वर्तमान में सभी गली नंबर पांच भारती कालोनी में एक वेहड़े की पहली मंजिल में रहते हैं।
मृतक और आरोपी दोनों दोस्त
एडीसीपी-2 करमवीर सिंह ने बताया कि थाना डिवीजन नंबर छह की एसएचओ इंस्पैक्टर कुलवंत कौर की अगुवाई में जांच टीम बनाई गई। जांच टीम ने उक्त आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ की। उन्होंने बताया कि अब तक की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मृतक मनोज कुमार चौधरी व नीरज दोनों दोस्त थे और वो अक्सर मिलकर खाते-पीते थे। 23 जून को भी मनोज कुमार नीरज के घर गया और वहां नीरज का दूसरा दोस्त सीडू भी था। तीनों ने मिलकर शराब पी और उसके बाद उनकी आपस में लड़ाई हो गई। लड़ाई के दौरान नीरज ने मनोज कुमार को गुम चोट मारी और मनोज कुमार की मौके पर मौत हो गई। नीरज के पिता फागू प्रसाद, मां ऊषा देवी और उसके नाबालिग भाइयों को यह बात पता चली। मनोज की मौत के बाद सभी ने इस गुनाह को छुपाने के लिए शव को पूरी रात घर में छुपाकर रखा। अगले पूरे दिन भी शव उन्होंने घर में ही रखा।
ई रिक्शा में लोड करके शव को फेंका
एडीसीपी ने बताया कि नीरज के परिजनों ने शव को रस्सी से बांधने, ड्रम में पैक करने और ड्रक को नीचे उतारकर ई रिक्शा में लोड करने में मदद की। उन्होंने बताया कि पुलिस को इस संबंध में 25 जून को सूचना मिली थी और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने तुरंत थाना डिवीजन नंबर छह में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। उन्होंने बताया कि अब इस एफआईआर में सभी छह आरोपियों के नाम शामिल कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश करके रिमांड ली जा रही है और उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी। एडीसीपी करनवीर सिंह ने बताया कि ई रिक्शा चालक रोहित कुमार का इस हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है उसे तो सिर्फ गारबेज ड्रम को खाली प्लाट में फैंकने के लिए बुलाया गया था।
लड़ाई किस बात को लेकर हुई यह स्पष्ट नहीं हुआ
शराब पीते समय मनोज कुमार व नीरज की लड़ाई किस बात को लेकर शुरू हुई, अभी पुलिस को इस बारे में आरोपियों ने कुछ नहीं बताया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि आखिर लड़ाई किस बात को लेकर हुई है। एडीसीपी करमवीर सिंह ने बताया कि लड़ाई के कारणों का पता किया जा रहा है।
हत्यारों तक ऐसे पहुंची पुलिस
खाली प्लाट में शव नीले ड्रम में मिला तो थाना डिवीजन नंबर छह की पुलिस ने सेफ सिटी पुलिस की टीम से संपर्क किया और शेरपुर के आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चैक की। फुटेज में सेफ सिटी की टीम को एक ई-रिक्शा दिखा, जिसमें एक नीला ड्रम दिखा। सेफ सिटी पुलिस ने उस ई-रिक्शा का नंबर ट्रेस करके थाना डिवीजन नंबर छह की पुलिस को दिया। पुलिस ने आरटीओ के जरिए ई-रिक्शा चालक का नाम व पता निकाला। पुलिस ई-रिक्शा चालक रोहित कुमार तक पहुंची और उससे पूछताछ की। ई-रिक्शा चालक पुलिस को भारती कालोनी तक ले गया, जहां से उसने ड्रम समेत कुछ लोगों को बैठाया था। ई-रिक्शा वाले की शिनाख्त पर पुलिस ने हत्या करने वाले नीरज व उसके दोस्त सीडू को पकड़ा। उनसे पूछताछ के बार घर के अन्य लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया।
रात 10 बजे कूड़े का ड्रम बताकर ई-रिक्शा पर किया लोड
हत्यारों ने रात को एक ई-रिक्शा किराए पर लिया और उसे कहा कि ग्यासपुरा के पास कूड़े से भरा ड्रम एक खाली प्लाट में फैंक कर आना है। ई-रिक्शा चालक रोहित उनके साथ भारती कालोनी में पहुंचा तो आरोपियों ने उसके बाद ड्रम को पहली मंजिल से नीचे उतारा। ई-रिक्शा चालक को शक न हो इसके लिए आरोपियों ने ड्रम के ऊपर कुछ फटे पुराने कपड़े व अन्य सामान रखा था ताकि उसे लगे कि ड्रम में कूड़ा कर्कट ही है।
शव ठिकाने लगाने के लिए दिनभर बनाते रहे प्लानिंग
हत्यारों ने 23 जून रात को हत्या की। पूरी रात उन्होंने शव को कमरे में छुपाकर रखा। अगले दिन सुबह से ही वो शव को ठिकाने लगाने की प्लानिंग करते रहे। पूरे दिन वह यह सोचते रहे कि शव को अब ठिकाने कैसे लगाया जाए क्योंकि शव पर शाम होने तक दरुगध आने लगी थी। दरुगध बाहर न आए इसके लिए आरोपियों ने उसके हाथ पैर बांधकर प्लास्टिक के लिफाफे में पैक कर दिया। शाम को घर में से ही एक ड्रम में उसे पैक कर दिया। आरोपी पहले जगह देखकर गए और उन्होंने देखा कि आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है। फिर रात को दस बजे ई रिक्शा में ड्रम लोड करके ले गए।