आम आदमी पार्टी ने लुधियाना पश्चिमी उपचुनाव में बड़ी जीत पाकर विपक्षी पार्टियों की नींद उड़ा दी है।
आम आदमी पार्टी ने लुधियाना पश्चिमी उपचुनाव में बड़ी जीत पाकर विपक्षी पार्टियों की नींद उड़ा दी है। इस चुनाव को 2027 के चुनाव का सेमीफाइनल कहा जा रहा था, जिसे बड़े माजिर्न से आप ने जीत लिया। इस बड़े माजिर्न से जीत और पार्टी का प्रदेश में दबदबा बनाने के पीछे एक ही दिमाग काम कर रहा था और वह था मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह।
राजबीर सिंह ने एक महीना पहले ही लुधियाना में मोर्चा संभाल लिया था। न केवल प्रत्येक वर्कर व वालंटियर से रोज मीटिंग कर उनका हौसला बढ़ाया, बल्कि प्रत्येक बूथ व वार्ड में वालंटियर की ड्यूटी निर्धारित की। पार्टी के वोट बैंक को पहचाना और उस पर बारीकी से काम किया। इसके अलावा प्रत्येक बूथ पर वालंटियर की मार्किग की और एक-एक वोट पर काम किया। संजीव अरोड़ा की इस जीत में राजबीर सिंह की मेहनत खूब झलकी है।
लुधियाना उपचुनाव जीत कर आम आदमी पार्टी ने विरोधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं और राजबीर सिंह ने प्रदेश में एक बार फिर सीएम भगवंत मान का दबदबा कायम रखने में अहम भूमिका निभाई है। विपक्षी पार्टियों समेत तमाम विरोधियों ने कई तरह के प्रपंच रचे और पूरी कोशिश की कि सरकार के खिलाफ न केवल लुधियाना बल्कि पूरे प्रदेश में एक माहौल बने।
मगर राजबीर सिंह ने अपनी समझदारी से विरोधियों की हर एक चाल को न केवल नाकाम किया, बल्कि नाराज चल रहे वर्कर, वालंटियर और सरकारी मुलाजिमों को भी पार्टी के हक में किया। लुधियाना से जीतने वाले संजीव अरोड़ा भी मानते हैं कि राजबीर सिंह की रणनीति व कूटनीति के कारण ही वह बड़ी जीत प्राप्त करने में सफल रहे हैं। इस परिणाम ने यह भी बता दिया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर आम आदमी पार्टी ही मुख्य पार्टी के तौर पर मैदान में खड़ी नजर आएगी और सत्ता विरोधी लहर को रोकने में पार्टी लगातार कामयाब हो रही है।