रूपनगर शहर के सबसे पुराने और ऐतिहासिक स्थल पर लगी आगने की घटना सामने आई है।
रूपनगर शहर के सबसे पुराने और ऐतिहासिक स्थल पर लगी आगने की घटना सामने आई है। जिनकी देखभाल वर्तमान में पुरातत्व विभाग द्वारा की जा रही है और इस स्थल को अब बहुत अच्छे तरीके से संरक्षित कर दिया गया है।यह स्थान 15वें किले में है और 1954 से इस स्थान को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया गया है और दूर-दूर से लोग हड़प्पा सभ्यता और अन्य सभ्यताओं के निशान देखने के लिए इस स्थान पर आते हैं।
बता दें कि, आज अचानक इस क्षेत्र की कुछ झाड़ियों और जंगल जैसे क्षेत्र में आग लग गई और तुरंत ही आग की लपटें उठने लगीं, जिसके बाद शहरवासी और आस-पास के लोग मौके पर आ गए और यहां रहने वाले चौकीदार और सुपरवाइजर आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे। तब तक आग इतनी फैल चुकी थी कि स्थानीय चौकीदार द्वारा फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया, लेकिन फायर ब्रिगेड देरी से पहुंची, जिसके कारण काफी जंगल व झाड़ियां जलकर खाक हो गईं।
वहीं, कुछ देर बाद दमकल की गाड़ियां पहुंची और आग पर काबू पाया। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब उन्हें सूचना मिली तो वे मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।