Monday, June 15, 2026
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Jalandhar में कैबिनेट मंत्री के घर का किसानों ने क्यों किया घेराव

 किसान पूरे प्रदेश में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के घरों के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।

पंजाब भर में किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, कुछ दिन पहले लुधियाना में किसानों की हुई मीटिंग में उन्होंने फैसला लिया था कि वह 10 मार्च को आप के विधायकों और कैबिनेट मंत्रियों के घरों का घेराव करने का ऐलान करेंगे। जिसको लेकर किसानों ने आज कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के घर का घेराव किया है।

हालांकि, पुलिस ने कैबिनेट मंत्री के घर का घेराव करने से पहले ही कुछ दूरी पर बैरिकेडिंग लगाकर किसानों को रोक लिया है। बैरिकेडिंग के पास किसानों द्वारा कैबिनेट मंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। वहीं दूसरी ओर पूर्व कैबिनेट मंत्री बलकार सिंह के घर के बाहर भी किसानों द्वारा धरना लगाया गया।

3 दिन चंडीगढ़ में लगाया था धरना 

वहीं भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान जसवंत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्ता में आने से पहले कहा था कि पंजाब में लोगों को धरने से मुक्त किया जाएगा। लेकिन सत्ता में आप पार्टी के आने के बाद अब पंजाब में आए दिन धरने लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 3 दिन चंडीगढ़ में धरना लगाया था, जिसमें उनकी मांगें मानी गई थीं, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया था। इसलिए अब दोबारा किसानों की ओर से चंडीगढ़ में 5 मार्च को धरना लगाने का ऐलान किया गया था।

इस दौरान विरोध में 92 विधायकों और मंत्रियों के घरों के बाहर उन्होंने धरना लगाने का ऐलान किया था। इसी के चलते आज प्रदर्शन किया जा रहा है। किसानों ने कहा कि अगर उनकी मांगों को लेकर मामला हल नहीं हुआ तो एसकेएम की अगली मीटिंग में रणनीति तय की जाएगी। जिसमें एसकेएम की कॉल पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

15 मार्च को SKM की चंडीगढ़ में मीटिंग

संयुक्त किसान मोर्चे की तरफ से 15 मार्च को चंडीगढ़ में बैठक रखी गई है। इस बैठक के दौरान किसानों द्वारा तय किया जाएगा कि आखिर उन्होंने अब अपने संघर्ष को कैसे आगे चलाना है। इससे पहले किसानों ने 5 मार्च को चंडीगढ़ कूच का फैसला लिया था।

लेकिन 3 तारीख को सीएम भगवंत मान के साथ चंडीगढ़ में विफल रही बैठक के बाद किसानों को 4 तारीख को नजरबंद और हिरासत में ले लिया गया था। इसके साथ ही किसान चंडीगढ़ पहुंचने में कामयाब नहीं हो पाए थे।

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