कनाडा सरकार ने अपने इमीग्रेशन और शरणार्थी सुरक्षा नियमों में बड़ा संशोधन किया है।
कनाडा सरकार ने अपने इमीग्रेशन और शरणार्थी सुरक्षा नियमों (Immigration and Refugee Protection Regulations) में बड़ा संशोधन किया है, जो 31 जनवरी 2025 से लागू हो गया है। इन नए नियमों के तहत बॉर्डर अधिकारियों को अस्थायी निवासी दस्तावेजों (जैसे इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (eTA) और टेम्पररी रेजिडेंट वीजा (TRV)) को रद्द करने का अधिकार दिया गया है।
यह बदलाव हर साल हजारों विदेशी नागरिकों, खासकर भारतीयों, पर प्रभाव डालेगा। इससे छात्र, कर्मचारी और अस्थायी निवासियों (टूरिस्ट वीजा धारकों) को सबसे अधिक परेशानी हो सकती है।
भारतीय छात्रों और प्रवासियों पर असर
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, इस समय 4,27,000 भारतीय छात्र कनाडा में पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा, लाखों भारतीय कनाडा में पर्यटन या अस्थायी वर्क वीजा पर जाते हैं। 2024 के पहले सात महीनों में ही कनाडा ने भारतीयों को 3,65,750 विज़िटर वीजा जारी किए थे।
किन परिस्थितियों में रद्द होंगे वीजा और परमिट?
संशोधित नियमों के तहत, कनाडा के इमीग्रेशन और बॉर्डर अधिकारियों को कई स्थितियों में अस्थायी निवास दस्तावेज (TRV, eTA, वर्क परमिट और स्टडी परमिट) रद्द करने का अधिकार मिलेगा, जैसे कि—
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यदि किसी व्यक्ति की परिस्थितियां बदल जाती हैं, जिससे वे निषिद्ध या अयोग्य हो जाते हैं।
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यदि किसी व्यक्ति ने गलत जानकारी दी हो या उसका आपराधिक रिकॉर्ड हो।
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यदि अधिकारी को संदेह हो कि व्यक्ति वीजा अवधि समाप्त होने के बाद कनाडा छोड़ देगा।
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यदि वीजा गलत प्रशासनिक निर्णय के कारण जारी किया गया हो।
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यदि कोई व्यक्ति स्थायी निवासी (Permanent Resident) बन जाता है।


