केंद्र सरकार की तरफ से यूनियन बजट में इस बार खेल को भी बड़ी सौगात मिली है।
केंद्र सरकार की तरफ से यूनियन बजट में इस बार खेल जगत को भी बड़ी सौगात मिली है, जहां सरकार ने बजट में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है। जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों की खोज और उन्हें विकसित करने के लिए सरकार के प्रमुख ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम को सबसे ज्यादा लाभ मिला है, जहां शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट में खेल और युवा मामलों के लिए आवंटन में 351.98 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की।
खेल मंत्रालय को आवंटित हुए 3794.30 करोड़ रुपये
युवा मामले एवं खेल मंत्रालय को कुल मिलाकर 3794.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह बढ़ोतरी काफी मायने रखती है, क्योंकि अगले एक साल में ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों जैसे कोई बड़े खेल आयोजन नहीं होने वाले हैं।
भारत चाह रहा 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी
नेशनल खेल महासंघों को सहायता के लिए निर्धारित राशि भी 340 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये कर दी गई है। भारत वर्तमान में 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने की कोशिश में है, जिसके लिए इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी से भी बात की जा चुकी है।
इसके साथ ही नेशनल कैंप के आयोजन और खिलाड़ियों के ट्रेनिंग के लिए व्यवस्था संबंधी नोडल निकाय भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के लिए आवंटन 815 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 830 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
NADA का भी बढ़ा बजट
राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी (NADA) का बजट 20.30 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 24.30 करोड़ रुपये कर दिया गया है। 1998 में बनाए गए राष्ट्रीय खेल विकास कोष में योगदान लगातार दूसरे साल 18 करोड़ रुपये ही रहेगा, जबकि सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए दिए जाने वाले अनुदान को इस साल 42.65 करोड़ रुपये से घटाकर 37 करोड़ रुपये करने का फैसला किया है।
जम्मू-कश्मीर में खेल सुविधाओं के लिए बड़ी सौगात
जम्मू-कश्मीर में खेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 20 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया गया है, जो पिछले साल से 14 करोड़ रुपये ज्यादा है। बढ़े हुए बजट का एक बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय सेवा योजना को जाएगा, जिसे 450 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो पिछले साल से 200 करोड़ रुपये ज्यादा है।