इंडिगो एयरलाइन के मामले में DGCA और केंद्र सरकार का एक्शन लगातार जारी है.
इंडिगो एयरलाइन में गहराए संकट की गाज 4 फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टरों पर गिरी है, जिन्हें डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने सस्पेंड कर दिया है. DGCA ने अपनी 4 सदस्यों वाली जांच कमेटी की इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स से पूछताछ से पहले चारों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया. चारों अधिकारी एयरलाइंस की सेफ्टी, पायलटों की ट्रेनिंग और ऑपरेशनल नियमों की देखरेख के लिए जिम्मेदार थे.
ये हैं सस्पेंड किए गए इंस्पेक्टर
सस्पेंड किए गए इंस्पेक्टरों के नाम कैप्टन सीमा झामनानी, कैप्टन ऋषि राज चटर्जी, कैप्टन एक पोखरियाल और कैप्टन प्रियम कौशिक शामिल हैं. 2 दिसंबर से अब तक इंडिगो एयरलाइन की करीब 3000 फ्लाइट कैंसिल हो चुकी हैं, जिसका कारण फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) के नियमों को ठीक से लागू नहीं करना था. एरलाइन का मिसमैनेजमेंट और क्रू रोस्टर के मैनेजमेंट में गड़बड़ी भी संकट के लिए जिम्मेदार थी.
2 दिसंबर से रद्द हो रहीं उड़ानें
बता दें कि इंडिगो एयरलाइन देश की बड़ी एविएशन कंपनियों में से एक है, लेकिन FTDL नियमों का सही तरीके के पालन नहीं करने के कारण कंपनी 2 दिसंबर से क्राइसिस झेल रही है. 2 दिसंबर से 12 दिसंबर के बीच एयरलाइन की करीब 3000 उड़ानें रद्द हुईं, जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा. DGCA ने एक नवंबर से FDTL के नए नियम लागू किए थे, जिसके तहत पायलटों के वीकली रेस्ट की संख्या बढ़ाई गई.
क्रू की शॉर्टेज से गहराया संकट
एयरलाइन ने पायलटों को वीकली रेस्ट दे दिए, लेकिन उनकी जगह रिलीवर पायलट तैयार नहीं किए, जिस वजह से पीक सीजन में एयरलाइन में क्रू की कमी का संकट गहरा गया. दिल्ली-मुंबई समेत देशभर के एयरपोर्ट पर यात्रियों का हुजूम लग गया. संकट गहराता देखकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA ने दखल दिया. एयरलाइन को पैसेंजरों को रिफंड देने और उनके लगेज को तलाशकर घर तक पहुंचाने का आदेश दिया.
उड़ानों में हुई 10% की कटौती
विंटर सीजन के लिए एयरलाइन की उड़ानों में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी और एयरलाइन के CEO पीटर को शोकॉज नोटिस जारी करके 4 सदस्यीय टीम जांच के लिए गठित की. सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने किराया सीमा लागू करके दूसरी एयरलाइंस को आदेश दिया कि वे संकट की स्थिति में यात्रियों को सहयोग करें. भारतीय रेलवे ने भी संकट के समय मदद का हाथ बढ़ाते हुए करीब 90 स्पेशल ट्रेनें यात्रियों के लिए चलाई.