उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को मोटी सैलरी वाली नौकरी का लालच देकर और बिना पंजीकरण वाली आयुर्वेदिक किट बेचकर देशभर के 60 हजार से अधिक लोगों से करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका था।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि विन मेकर आयुर्वेद और विन मेकर वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित कंपनी बेरोजगार युवाओं को 25 हजार से 50 हजार रुपये मासिक वेतन का झांसा देकर सेमिनार में बुलाती थी। वहां उनसे 12 हजार से 30 हजार रुपये में अपंजीकृत आयुर्वेदिक दवा किट खरीदवाई जाती थी और फिर उन्हें मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) नेटवर्क से जोड़कर नए लोगों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था।
संयुक्त कार्रवाई में साइबर प्रकोष्ठ, अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस ने बर्रा स्थित मंगलम गार्डन में छापेमारी कर बिहार के रवींद्र यादव, कमलेश कुमार और मंतोष पासवान, पश्चिम बंगाल के रोहित शॉ, मध्य प्रदेश के मंगल शाक्य और देवरिया के राजू कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरोह के मुख्य सरगना समेत कंपनी के दो प्रबंध निदेशक अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
जांच में सामने आया है कि गिरोह ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत कई राज्यों में 60 हजार से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया, जिनमें करीब 2 हजार पीड़ित अकेले कानपुर के हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 6 मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, ऑडियो क्लिप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।



