नई दिल्ली: NEET-UG 2026 री-एग्जाम को सुरक्षित और निष्पक्ष ढंग से आयोजित कराने के लिए केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इसी कड़ी में भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों के जरिए देशभर के 18 स्थानों तक प्रश्नपत्र पहुंचाए गए हैं।
21 जून को होने वाली इस पुनर्परीक्षा से पहले अधिकारियों ने बताया कि प्रश्नपत्रों की समय पर और सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए वायुसेना की सेवाएं ली गई हैं। इन 18 हब तक पहुंचने के बाद प्रश्नपत्रों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संबंधित परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाएगा।
री-एग्जाम के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रश्नपत्रों के परिवहन और वितरण की निगरानी के लिए सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी, जबकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ या पेपर लीक की आशंका को रोकने के लिए सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है।
अधिकारियों को मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनी रहे। पूरे परिवहन और वितरण प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे प्रश्नपत्र सुरक्षित और समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
बता दें कि NEET-UG 2026 की यह पुनर्परीक्षा 21 जून को उन अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जाएगी, जो पहले आयोजित परीक्षा के दौरान सामने आई समस्याओं से प्रभावित हुए थे। देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET मेडिकल स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश का प्रमुख माध्यम है।
अधिकारियों का कहना है कि भारतीय वायुसेना की भागीदारी समेत कड़े सुरक्षा इंतजामों का उद्देश्य सभी उम्मीदवारों के लिए पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करना है।


