Wednesday, June 17, 2026
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भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार’ पहल के तहत 437 सरकारी सेवाएँ नागरिकों के घर-द्वार तक पहुँचीं, लंबित मामलों की दर घटकर 0.33 प्रतिशत हुई- अमन अरोड़ा

‘भगवंत मान सरकार, तुहाडे द्वार’ पहल के तहत पंजाब की 1076 हेल्पलाइन और डोरस्टेप डिलीवरी प्रणाली नागरिकों तक सरकारी सेवाएँ पहुँचाने के तरीके को बदल रही है। इस पहल ने सेवा वितरण में होने वाली देरी को कम किया है, बिचौलियों पर निर्भरता घटाई है और शासन को अधिक पारदर्शी तथा नागरिक-केंद्रित बनाया है।

तकनीक-सक्षम इस प्रणाली के माध्यम से सेवाएँ नागरिकों तक पहुँचाई जा चुकी हैं। विभिन्न विभागों में लंबित मामलों की दर घटकर मात्र 0.33 प्रतिशत रह गई है।

अब नागरिक 1076 हेल्पलाइन पर कॉल करके या व्हाट्सऐप, ऑनलाइन पोर्टल अथवा सेवा केंद्रों के माध्यम से अपॉइंटमेंट बुक कर 437 सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। अपॉइंटमेंट तय होने के बाद प्रशिक्षित डोरस्टेप डिलीवरी ऑपरेटर नागरिकों के घर पहुँचते हैं, आवश्यक दस्तावेज़ एकत्र करते हैं, आवेदन भरने में सहायता करते हैं और ऑनलाइन आवेदन जमा करवाते हैं, जिससे सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।

इस पहल का विशेष लाभ वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले किसानों, महिलाओं और कामकाजी पेशेवरों को मिला है, जिन्हें पहले सरकारी सेवाएँ प्राप्त करने के लिए समय और धन ख़र्च कर कार्यालयों तक जाना पड़ता था तथा कई बार बिचौलियों का सहारा लेना पड़ता था।

इस पहल की शुरुआत से अब तक डोरस्टेप डिलीवरी प्रणाली के तहत 4.18 लाख से अधिक अपॉइंटमेंट बुक किए जा चुके हैं। नागरिक अब प्रमाणपत्र और स्वीकृतियाँ एसएमएस, व्हाट्सऐप तथा घर पर भौतिक डिलीवरी के माध्यम से प्राप्त कर रहे हैं, जिससे सरकारी सेवाएँ अधिक सुलभ और सुविधाजनक बन गई हैं।

पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि शासन को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “प्रौद्योगिकी शासन का विकल्प नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता और जवाबदेही को मज़बूत करती है। आवेदनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग से देरी कम होती है, अनिश्चितता घटती है और सेवा वितरण नागरिकों की आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवेदनशील बनता है।”

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को सामान्य सेवाओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने कहा, “हाल ही में सरपंचों, नंबरदारों और नगर पार्षदों के माध्यम से प्रमाणपत्रों के ऑनलाइन वेरीफिकेशन की सुविधा शुरू करना कागज़ी कार्यवाही कम करने, भौतिक रूप से कार्यालय जाने की आवश्यकता घटाने और सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक और महत्त्वपूर्ण कदम है।”

आवेदन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से देरी और बिचौलियों की गुंजाइश लगातार कम हो रही है, जिससे शासन अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनता जा रहा है।

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