शेयर बाजार में मंगलवार को अच्छी तेजी देखने को मिल रही है.
आंकड़ों को देखें तो सेंसेक्स में 576 अंकों से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला. जिसकी वजह से सेंसेक्स 6 मार्च के बाद पहली बार 79 हजार अंकों के पार जाता हुआ दिखाई दिया. वहीं दूसरी ओर निफ्टी में 150 से ज्यादा अंकों की तेजी देखने को मिली. जिसकी वजह से निफ्टी 24,500 अंकों के पार जाता हुआ दिखाई दिया. इस तेजी की वजह से शेयर बाजार निवेशकों को 3.62 लाख करोड़ रुपए का फायदा और ओवरऑल मार्केट कैप डॉलर में काफी दिनों के बाद 5 ट्रिलियन डॉलर के पार जाता हुआ दिखाई दिया
आंकड़ों को देखें तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10 बजकर 35 मिनट में 537 अंकों की तेजी के साथ 79,058.20 अंकों पर कारोबार कर रहा है. जबकि कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 576.35 अंकों की तेजी के साथ 79,096.65 अंकों पर पहुंच गया था. एक दिन पहले सेंसेक्स फ्लैट 78,520.30 अंकों पर बंद हुआ था. वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 166 अंकों की तेजी के साथ 24,532.50 अंकों पर कारोबार कर रहा था. जबकि कारोबारी सत्र के दौरान 24,535.15 अंकों के साथ दिन के हाई पर पहुंच गया था. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर वो कौन से 5 कारण हैं, जिनकी वजह से शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है.
शेयर बाजार में तेजी के प्रमुख कारण
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कच्चे तेल की कीमतों से मिला सपोर्ट: सोमवार की तेज उछाल के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है. अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के फिर से शुरू होने की उम्मीदों के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत 94-95 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आ गई है. आपूर्ति में व्यवधान को लेकर हाल की चिंताओं के बाद तेल की कीमतों में आई नरमी ने बाजारों को राहत दी है.
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एशियाई बाजारों में तेजी: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित राजनयिक प्रगति को लेकर आशावाद के चलते एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई. जापान और दक्षिण कोरिया में बढ़त के साथ-साथ एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयर बाजारों में आई व्यापक तेजी ने सेंटिमेंट को मजबूत किया.
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अस्थिरता में कमी आई: भारतीय VIX में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जो पिछले सत्र में देखी गई तेज वृद्धि के बाद निकट भविष्य में जोखिम की धारणा में नरमी का संकेत है.
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बैंकिंग शेयरों में तेजी: वित्तीय शेयर शीर्ष लाभ कमाने वालों में शामिल थे, जिनमें ICICI बैंक, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस का महत्वपूर्ण योगदान रहा. निफ्टी बैंक इंडेक्स में 0.8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जबकि निजी बैंकों ने बेहतर प्रदर्शन किया.
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सभी सेक्टर्स में तेजी: सभी सेक्टर्स में खरीदारी देखी गई, जिसमें रियल एस्टेट, मेटल, ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई. रियल एस्टेट सूचकांक में लगभग 1.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि सरकारी बैंकों और ऊर्जा शेयरों में भी तेजी देखी गई, जो व्यापक भागीदारी का संकेत है. बढ़त-गिरावट अनुपात अनुकूल बना रहा, जो सूचकांक के प्रमुख शेयरों से परे पूरे बाजार में व्यापक खरीदारी की ओर इशारा करता है.


