पंजाब में लगातार बढ़ते तापमान और तेज धूप के कारण गर्मी का असर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
इस स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए लू (हीटवेव) से बचाव को लेकर नई एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने साफ कहा है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक का समय सबसे अधिक जोखिम भरा होता है, इसलिए इस दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने पर शरीर में पानी की कमी, कमजोरी, चक्कर और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग इस मौसम में अधिक संवेदनशील माने जा रहे हैं। इसके अलावा खेतों और खुले में काम करने वाले मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सावधानी बरतना बेहद जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कहा है कि यदि बाहर जाना जरूरी हो तो हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें और धूप में लंबे समय तक सीधे संपर्क से बचें। बीच-बीच में छांव में रुकना भी जरूरी बताया गया है।
पानी की कमी न होने दें
गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे अहम है। इसके लिए अधिक मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है। साथ ही ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी और छाछ जैसे पेय पदार्थ शरीर के लिए लाभदायक बताए गए हैं, जो पानी और जरूरी खनिजों की कमी को पूरा करते हैं।
इन चीजों से बचें
विभाग ने लोगों को शराब, अधिक कैफीन युक्त पेय जैसे चाय-कॉफी और बहुत अधिक मसालेदार भोजन से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी को बढ़ा सकते हैं।
लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज जरूरी
यदि किसी व्यक्ति को तेज सिरदर्द, उल्टी, चक्कर या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर पानी पिलाना चाहिए और जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए।
बच्चों और जानवरों को लेकर चेतावनी
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि बच्चों या पालतू जानवरों को कभी भी बंद गाड़ियों में अकेला न छोड़ें, क्योंकि अंदर का तापमान तेजी से बढ़कर जानलेवा हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में लू से प्रभावित मरीजों के लिए आवश्यक दवाएं और आपातकालीन व्यवस्था पूरी तरह तैयार रखी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और गर्मी के इस मौसम में अपनी सेहत का खास ध्यान रखें।