Wednesday, June 17, 2026
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कल देशव्यापी हड़ताल का ऐलान, सोच-समझ कर निकले घर से बाहर

भारत-अमरीका और दूसरे देशों के साथ किए गए टैक्स-फ्री ट्रेड एग्रीमैंट का देश में लगातार विरोध हो रहा है।

भारत-अमरीका और दूसरे देशों के साथ किए गए टैक्स-फ्री ट्रेड एग्रीमैंट का देश में लगातार विरोध हो रहा है। जिसके चलते किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब लंबे समय से इन व्यापार समझौतों को खत्म करने की मांग कर रही है। किसान संगठन ने 12 फरवरी को फ्री ट्रेड एग्रीमैंट के खिलाफ ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल को भरपूर समर्थन करने का ऐलान किया है।
प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सबरा और प्रदेश महासचिव राणा रणबीर सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि संगठन मोदी सरकार के व्यापार समझौतों के खिलाफ एकजुट हैं और इन्हें रद्द करवाने के लिए किसान अपना संघर्ष लगातार जारी रखेंगे।
के.एम.एम. के किसान नेता सुखविंद्र सिंह ने कहा कि नए व्यापार समझौते देश की आर्थिक तौर पर कमर तोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि अमरीका में भारत का सामान 18 फीसद टैरिफ से बिकेगा, लेकिन अमरीका का सामान देश में बिना किसी टैरिफ के बेचा जाएगा। 18 फीसद का अंतर होने के बावजूद भाजपा इसे अपनी एक बड़ी उपलब्धि बताकर देश के लोगों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि अमरीका के कृषि मंत्री और राष्ट्रपति ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोल दिया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही अमेरिकी सामान भारत में बिकेगा, उसका सीधा आर्थिक नुकसान भारत के किसानों को भुगतना होगा। भारी भरकम सबसिडी से खेती करने वाले अमेरिकी किसानों का मुकाबला भारत को छोटे किसान कर ही नहीं पाएंगे।
किसान नेताओं ने बताया कि भारत में 2.5 एकड़ जमीन वाले किसानों की संख्या 85 फीसद है, लेकिन अमरीका में 2 से 5 हजार एकड़ जमीन पर खेती करने वाले किसान हैं, जिनका मुकाबला किसी भी हालत में भारतीय किसान नहीं कर पाएंगे। किसान नेताओं ने कहा कि भारत सरकार ट्रंप के घमंड के आगे पूरी तरह झुक चुकी है, इसलिए देश के लोगों को इन समझौतों के खिलाफ हर संघर्ष का मजबूती से साथ देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसान मजदूर संघर्ष कमेटी सभी किसानों, मजदूरों, ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संगठनों, स्टूडैंट संगठनों और सभी संघर्षशील लोगों से अपील करती है कि ऐसे हालात में एकजुट होकर संघर्ष करें।
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