Tuesday, August 18, 2026
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Punjab सरकार की बड़ी कार्रवाई, 52 करोड़ के घोटाले मामले में 7 अधिकारी किए Suspended

रंजीत एवेन्यू टेंडर घोटाले में पंजाब सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए

रंजीत एवेन्यू टेंडर घोटाले में पंजाब सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए लोकल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट के सात अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर की गई है, जिसने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।
निलंबित किए गए अधिकारियों में सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर संत भूषण सचदेवा, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रमिंदरपाल सिंह, सैक्सन बिक्रम सिंह, एसडीओ सुखचरणपाल सिंह, एसडीओ शुभम सिंह, जूनियर इंजीनियर मनप्रीत सिंह और मंदीप सिंह शामिल हैं।
सरकारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई पंजाब म्युनिसिपल रूल्स, 1970 के तहत की गई है, हालांकि सस्पेंशन के पीछे के ठोस कारणों का उल्लेख आदेश में नहीं किया गया। इससे पहले इसी केस से जुड़े विजिलेंस एसएसपी लखवीर सिंह को भी निलंबित किया जा चुका है।
₹52.40 करोड़ के टेंडर में कैसे हुआ खेल?
यह मामला रंजीत एवेन्यू ब्लॉक-सी और 97 एकड़ स्कीम के विकास कार्य से जुड़े ₹52.40 करोड़ के टेंडर से संबंधित है। 18 दिसंबर को जब फाइनेंशियल बिड खोली गई, तो शर्मा कॉन्ट्रैक्टर ने 1.08% दर के साथ सबसे कम बोली (H-1) लगाई।
वहीं राजेंद्र इंफ्रास्ट्रक्चर ने 0.25% की दर ऑफर की थी, लेकिन तकनीकी प्रक्रिया के चलते वह टेंडर हासिल नहीं कर सका। विवाद की जड़ तब बनी जब दो बड़ी कंपनियों सीगल इंडिया लिमिटेड और गणेश कार्तिके कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को फाइनेंशियल बिडिंग से पहले ही बाहर कर दिया गया। इन कंपनियों को अधूरे दस्तावेज और तकनीकी खामियों का हवाला देकर अयोग्य घोषित किया गया, जिसे बाद में संदिग्ध माना गया।

जांच की शुरुआत कैसे हुई?
टेंडर प्रक्रिया से बाहर की गई कंपनी सीगल इंडिया लिमिटेड ने इस पूरे मामले की शिकायत सीधे पंजाब के चीफ सेक्रेटरी से की। शिकायत के बाद डिप्टी कमिश्नर ने जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया। कमेटी की रिपोर्ट लोकल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट के माध्यम से चीफ सेक्रेटरी को सौंपी गई, जिसके बाद विभाग ने यह बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
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