भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद राज्य के सीमावर्ती इलाकों में रविवार सुबह शांति रही।
भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद राज्य के सीमावर्ती इलाकों में रविवार सुबह शांति रही। प्राधिकारियों ने लोगों से अपनी सामान्य गतिविधियां बहाल करने और शांति बनाए रखने को कहा। सुबह करीब 8:30 बजे, अमृतसर में जिला प्रशासन ने लोगों से अपनी सामान्य दिनचर्या फिर से शुरू करने को कहा। जालंधर जिला प्रशासन ने भी कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है और लोग अपने काम सामान्य रूप से फिर से शुरू कर सकते हैं।
जालंधर के उपायुक्त (डीसी) हिमांशु अग्रवाल ने कहा, ‘जालंधर में सब ठीक है। जानकारी के अनुसार, चिंता की कोई बात नहीं है और काम सामान्य रूप से फिर से शुरू हो सकता है। सुरक्षा बल लगातार नजर रखे हुए हैं।’ जिला प्राधिकारियों ने लोगों से पटाखे नहीं चलाने और ड्रोन न उड़ाने का अनुरोध किया है। अग्रवाल ने कहा, ‘अगर इलाके में किसी भी तरह के खतरे की कोई सूचना मिलती है तो हम आपको समय पर सूचित करेंगे और तत्काल कदम उठाएंगे।’
संगरूर जिला प्राधिकारियों ने लोगों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और शांत रहने का आग्रह किया। इस बीच, पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करने वाले पंजाब में लोगों को सामान्य गतिविधियां करते देखा गया। खासकर अमृतसर, पठानकोट और फिरोजपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में सुबह की सैर कर रहे लोगों ने देश के सश बलों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘यह हमारी सेनाओं की वजह से है कि आप हमें आज बिना किसी डर के यहां देख रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में हमने देखा कि पाकिस्तान ने पंजाब और कुछ अन्य राज्यों के कई हिस्सों को निशाना बनाकर कैसे ड्रोन हमले किए।’
अमृतसर के अमरजीत सिंह ने कहा, ‘लेकिन हमारी बहादुर सेना ने ढाल बनकर काम किया और उनके दुस्साहस को विफल कर दिया। उन्होंने आतंकवाद को कड़ा जवाब दिया और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकवादी शिविरों को नष्ट कर दिया। अब जब एक सहमति बन गई है तो हम उम्मीद करते हैं कि शांति बनी रहेगी लेकिन अगर पाकिस्तान फिर से कोई दुस्साहस करता है तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा।’