शहर में बढ़ते क्राइम को कम करने और हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए करीब 1.62 करोड़ रुपए की लागत से 282 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे है।
शहर में बढ़ते क्राइम को कम करने और हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए करीब 1.62 करोड़ रुपए की लागत से 282 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे है। योजना के अनुसार शहर में उक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 56 स्थान निर्धारित किए गए है, जिसे पूरे शहर को कवर करने का प्रयास होगा, जिनमें शहर के सभी एंट्री प्वाइंट भी शामिल हैं।
इसमें 31 आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकोग्नाइजेशन (एएनपीआर) और 251 हाई-रेजोल्यूशन कैमरे (एचडी ) कैमरे शामिल किए गए है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने व इसकी देखरेख करने के लिए 3 मेंबरी कमेटी का गठन किया गया है। इसमें जिला विकास एंड पंचायत आफिसर को कमेटी का प्रधान नियुक्त किया गया, जबकि नगर निगम एक्सईएन और डीएसपी सिटी बठिंडा पुलिस को बतौर सदस्य नियुक्त किया गया है।
इस पूरे प्रोजेक्ट पर निगम बठिंडा की तरफ से फंड उपलब्ध करवाया जाएगा, जबकि सीसीटीवी कैमरे लगवाने की जिम्मेवारी बीएंडआर विभाग को सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि तीन सदस्यीय कमेटी ने इस प्रोजेक्ट के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाने का टेंडर जारी करने के लिए बनाई शर्तें और नियमों को मंजूरी दे दी है और एक सप्ताह के भीतर इसका टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
उम्मीद जताई जा रही है कि मई के आखिरी या जून के पहले सप्ताह के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इन सभी सीसीटीवी कैमरों को कंट्रोल पुलिस विभाग के पास होगा, जोकि इसकी लगातार मानिटरिंग करेगी।
शहर में अक्सर लूटपाट, झपटमारी व वाहन चोरी, हिट एंड रन के मामले आते रहते हैं। इन वारदातों को अंजाम देने के बाद अपराधी आसानी से बच निकलते हैं। अपराधियों पर जल्द पकड़ने में सहायता लेने के लिए बठिंडा पुलिस की ओर से शहर के 56 मुख्य जगहों पर 31 एएनपीआर और 251 के करीब एचडी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों के लिए ऐसे स्थान चिह्न्ति किए जा रहे हैं जहां लोगों की मूवमेंट ज्यादा रहती है।
इन कमरों को लगाने का कुल बजट करीब 1 करोड़ रुपए नगर निगम की तरफ से अपनी जनरल हाउस की मीटिंग में भी पास कर चुका है। कुछ दिनों में ही उक्त कैमरों को लगाने का काम शुरू हो जाएगा। आटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरों की कई खासियत हैं और इस तरह के कैमरे बठिंडा में पहली बार लगेंगे। वाहन की रात को भी साफ रिकॉडिर्ंग होगी।
रोड के किसी भी कोने से वाहन निकले, कैमरे से बच नहीं पाएगा। हर वाहन की नंबर प्लेट की कैमरा फोटो लेगा और इन नंबरों को एक्सल में एक्सपोर्ट कर पूरे 24 घंटे में गुजरे वाहनों की सूची तैयार करेगा। पुलिस अगर नंबर प्लेट की फोटो पर क्लिक करेगी तो उसी वाहन का वीडियो दिखाई देगा।
इतना ही नहीं गाड़ियों के ड्राइवर की फोटो भी कैमरा अपने आप खींचेगा और अलग से स्टोर करेगा। इस फोटो की क्वालिटी भी एकदम साफ होगी। अगर कोई गाड़ी चोरी हुई है या संदिग्ध है और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई है, तो उस गाड़ी का नंबर तुरंत ही कैमरा मशीन में फीड कर दिया जाएगा। चालकों की ओवर स्पीड ड्राइविंग, स्पीड बाइकिंग, बाइक स्टंट, हिट एंड रन, चेन स्नैचिंग जैसी घटनाओं पर 24 घंटे नजर रहेगी।