Sunday, April 26, 2026
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Khalistan समर्थक पपलप्रीत सिंह को पंजाब लाया जाएगा, वह डिब्रूगढ़ जेल में बंद है, सरकार ने नहीं बढ़ाई एनएसए अवधि

 पपलप्रीत सिंह को अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमले के सिलसिले में दर्ज एफआईआर नंबर 39 के तहत गिरफ्तार किया जाएगा। 

असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद पंजाब के खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह के सहयोगी पप्पलप्रीत पर लगाई गई एनएसए की अवधि समाप्त हो गई है। अब पप्पलप्रीत सिंह को भी जल्द ही पंजाब जेल लाया जाएगा। पंजाब सरकार ने अमृतपाल और पप्पलप्रीत सिंह पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनआईए) को बढ़ाने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। इससे साफ है कि पंजाब सरकार अब अमृतपाल सिंह पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है।
इसकी अवधि समाप्त होने के बाद अजनाला पुलिस की टीम पप्पलप्रीत सिंह को पंजाब लाने के लिए असम के डिब्रूगढ़ के लिए रवाना हो गई। पप्पलप्रीत सिंह को ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब लाया जाएगा। फिलहाल, वहां पहुंचकर पंजाब पुलिस को ट्रांजिट रिमांड लेने की तैयारी करनी होगी।
पप्पलप्रीत सिंह को अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमले के सिलसिले में दर्ज एफआईआर नंबर 39 के तहत गिरफ्तार किया जाएगा। डिब्रूगढ़ से पंजाब लाने के बाद पप्पलप्रीत सिंह को इस मामले में अजनाला कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
इससे पहले हाल ही में अमृतपाल समेत उसके कई साथियों को डिब्रूगढ़ जेल से पंजाब लाया गया था। पंजाब सरकार अमृतपाल सिंह और उसके दो अन्य सहयोगियों पप्पलप्रीत सिंह और वरिंदर विक्की को अमृतसर, पंजाब लाकर 2023 में अजनाला पुलिस स्टेशन पर हुए हमले की जांच में शामिल कर सकती है।

जानिए क्यों हुई अजनाला हिंसा?

15 फरवरी 2023 की रात को अजनाला पहुंचे चमकौर साहिब निवासी बरिंदर सिंह का कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया था। इसके बाद जंडियाला गुरु के पास मोटरसाइकिल पर सवार बरिंदर सिंह की पिटाई की गई। अमृतपाल भी वहां मौजूद थे। युवक ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने अमृतपाल और उसके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने इस मामले में तूफान सिंह को गिरफ्तार किया था। इससे अमृतपाल नाराज हो गया और उसने अजनाला पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया तथा आत्मसमर्पण की घोषणा कर दी। तत्कालीन एसपी हरपाल सिंह रंधावा ने कहा था कि थाने पहुंचे हमलावर अपने साथ तलवारें और बंदूकें लेकर आए थे। उनके पास श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्र प्रति भी थी। ऐसी स्थिति में सैनिक पीछे हट गये।
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