सरोज कुमार ने आयोग द्वारा दायर आदेशों को चुनौती देते हुए कहा ।
राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ ने ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को एक मरीज के इलाज का पूरा खर्च न चुकाने पर 20,000 रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही आयोग ने बीमा कंपनी को शिकायतकर्ता को बकाया 53,079 रुपये की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करने के भी निर्देश दिए हैं। आवेदक को 20,000 रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है। ये निर्देश चंडीगढ़ निवासी सरोज कुमार शर्मा द्वारा आयोग में दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए दिए गए। यह याचिका याचिकाकर्ता द्वारा जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, चंडीगढ़ द्वारा पिछले वर्ष अक्टूबर में पारित आदेशों को चुनौती देते हुए दायर की गई थी।
सरोज कुमार ने आयोग द्वारा दायर आदेशों को चुनौती देते हुए कहा कि बीमा कंपनी ने उनकी पुत्रवधू के इलाज पर खर्च की गई पूरी राशि का भुगतान करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद उन्होंने जिला आयोग का दरवाजा खटखटाया। आवेदक ने अपने आवेदन में कहा कि बीमा कंपनी द्वारा केवल 25,000 रुपये स्वीकृत किए गए तथा बिल की शेष राशि 53,079 रुपये का भुगतान उसने स्वयं अपनी जेब से किया। हालांकि, जिला आयोग ने शिकायत को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया था और बीमा कंपनी को उनकी बहू के इलाज पर खर्च हुए 53,079 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। फिर भी उन्होंने उन्हें हुई मानसिक पीड़ा और परेशानी के लिए मुआवजा न देकर गलती की। सभी दलीलें सुनने के बाद राज्य आयोग ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को शेष दावा राशि और 20,000 रुपये का मुआवजा तथा 15,000 रुपये मुकदमा खर्च भी दे।


