पटियाला, 28 जुलाई
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज राज्य में कठिन प्रयासों से स्थापित शांति, सांप्रदायिक सौहार्द, भाईचारे और अमन-चैन को हर हाल में बनाए रखने के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। पटियाला में आयोजित ‘एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए दिन-रात कार्य कर रही है तथा ऐसे समानतामूलक समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जहां सभी धर्मों के लोग आपसी सम्मान और सद्भाव के साथ मिलकर रहें।

पंजाब की धरती पर नफरत के बीज के अलावा हर बीज अंकुरित हो सकता है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
श्रद्धालुओं की विशाल सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब ऐसी उपजाऊ धरती है, जहां नफरत के बीज के अलावा हर बीज अंकुरित हो सकता है। हमारे राज्य में एकता का बंधन बेहद मजबूत है क्योंकि यहां लोग हर त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं। मैं इस मंच पर उपस्थित सभी पूजनीय संतों और आध्यात्मिक गुरुओं को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

हमारी सरकार सभी धर्मों का समान सम्मान करते हुए प्रत्येक धर्म के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हमारी सरकार सभी धर्मों का समान सम्मान करते हुए प्रत्येक धर्म के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ”मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरे लिए इस पावन स्थल पर आना अत्यंत गौरव और सौभाग्य की बात है। यह स्थान हमेशा मेरे हृदय के बहुत निकट रहा है और इस पवित्र आयोजन में शामिल होना मेरे लिए बड़े सम्मान का विषय है। आप सभी के बीच उपस्थित होकर मानवता, एकता और प्रेम का संदेश साझा करते हुए मुझे अत्यंत गर्व का अनुभव हो रहा है। इस कार्यक्रम में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता देखकर मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की भारी भागीदारी सरकार के सेवा-भाव को और अधिक मजबूत करती है। उन्होंने कहा, “पंजाब भाईचारे और आजादी की धरती है तथा विभाजनकारी ताकतें यहां कभी सफल नहीं हो सकतीं। आज का कार्यक्रम भले ही भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन यहां सभी धर्मों के लोग एकत्र हुए हैं, जो पंजाब की वास्तविक भावना और सांझी संस्कृति का प्रतीक है।”

जनकल्याण के लिए अपनी सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जनता की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हमने 19 टोल प्लाजा बंद किए हैं, जिससे आम लोगों के लगभग 70 लाख रुपये प्रतिदिन की बचत हो रही है। पूर्ण पारदर्शिता के साथ 68,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, लगभग 44,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है तथा नहर सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है ताकि कृषि के लिए नहरी पानी की कोई कमी न रहे।”

‘मांवां -धीयां सत्कार योजना’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया, “पहली जुलाई से महिलाओं के बैंक खातों में सीधे वित्तीय सहायता भेजी जानी शुरू हो गई है। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रतिमाह तथा अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। पहली अगस्त को भी यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी। जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना का लाभ लेने की पात्र होंगी।”

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना का लाभ प्राप्त कर रही हैं तथा राज्य सरकार ने इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।



