Friday, July 17, 2026
HomeLatest Newsकॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के लिए गुरदासपुर में कड़ी मेहनत कर...

कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने के लिए गुरदासपुर में कड़ी मेहनत कर रहे भारत के 3 जूडो खिलाड़ी

गुरदासपुर: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की तैयारियों के बीच भारतीय जूडो टीम के तीन प्रमुख खिलाड़ी पंजाब के गुरदासपुर स्थित शहीद भगत सिंह ट्रेनिंग सेंटर में कड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं। इस सेंटर ने अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ियों को तैयार किया है और अब यहां से कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भी खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है।

पेरिस ओलंपियन तुलिका मान, राष्ट्रीय चैंपियन हर्ष कुमार और अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी करणजीत मान भारतीय जूडो टीम के 14 सदस्यीय दल का हिस्सा हैं। तीनों खिलाड़ी 26 जुलाई को स्कॉटलैंड के ग्लासगो रवाना होने से पहले अपनी तकनीक और फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।

खिलाड़ियों की तैयारियों के साथ-साथ डोपिंग नियमों का भी सख्ती से पालन किया जा रहा है। हर सुबह उन्हें नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) को अपनी लोकेशन की जानकारी देनी होती है, ताकि अधिकारी किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के डोप टेस्ट कर सकें। भोजन में किसी भी तरह की मिलावट या जोखिम से बचने के लिए खिलाड़ियों ने अपना निजी शेफ रखा है और बाहर का खाना पूरी तरह बंद कर दिया है।

हालांकि ट्रेनिंग सेंटर की कुछ सुविधाएं अभी भी सुधार की मांग कर रही हैं। अभ्यास के लिए इस्तेमाल होने वाली जूडो मैट काफी पुरानी और क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। पंजाब जूडो एसोसिएशन के तकनीकी चेयरमैन सतीश कुमार ने बिजली कटौती के दौरान अभ्यास प्रभावित न हो, इसके लिए जनरेटर और बड़े एयर कूलर की व्यवस्था की है। वहीं सेंटर के प्रशासक अमरजीत शास्त्री ने बताया कि नई मैट की मांग कई बार पंजाब खेल विभाग के सामने रखी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पेरिस ओलंपियन तुलिका मान इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना पिछला प्रदर्शन बेहतर करने के इरादे से उतरेंगी। उन्होंने 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीता था और अब उनका लक्ष्य स्वर्ण पदक हासिल करना है। तुलिका ने कहा कि पेरिस ओलंपिक में शुरुआती दौर में मिली हार से उन्होंने काफी कुछ सीखा है और इस बार बेहतर प्रदर्शन का पूरा भरोसा है। उन्होंने गुरदासपुर ट्रेनिंग सेंटर की सुविधाओं और माहौल की भी सराहना करते हुए कहा कि यहां रोज़ करीब 120 युवा खिलाड़ी अभ्यास करते हैं और आने वाले समय में गुरदासपुर जूडो की नई पहचान बन सकता है।

भारतीय टीम 26 जुलाई को ग्लासगो के लिए रवाना होगी और खिलाड़ियों को उम्मीद है कि गुरदासपुर में की गई मेहनत कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पदकों में बदलेगी।

RELATED ARTICLES
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Google search engine

Most Popular