पंजाब डेस्क: पंजाब में मानसून के बीच स्कूलों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को नई गाइडलाइंस जारी की हैं। विभाग ने स्कूलों की इमारतों, छतों, पानी की टंकियों, ड्रेनेज व्यवस्था और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संबंधी प्रबंधों की जानकारी मांगी है। हालांकि, इन निर्देशों के जारी होने के समय को लेकर अध्यापकों ने नाराजगी जताई है।
शिक्षकों का कहना है कि जिन तैयारियों को मार्च और अप्रैल में पूरा कर लिया जाना चाहिए था, उनके लिए अब बारिश के बीच निर्देश जारी किए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि समय पर आवश्यक बजट और संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए, जबकि अब स्कूलों से रिपोर्ट और रिकॉर्ड मांगे जा रहे हैं। शिक्षकों का मानना है कि इससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्टाफ पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों में स्कूलों की छतों और पानी निकासी की पाइपों की सफाई, पानी की टंकियों की नियमित सफाई तथा लाइब्रेरी, कक्षाओं और प्रयोगशालाओं जैसी इमारतों में मौजूद दरारों की मरम्मत कराने के लिए कहा गया है। विभाग का उद्देश्य बारिश के दौरान जलभराव, सीलन और कीड़े-मकोड़ों की समस्या से बचाव सुनिश्चित करना है।
वहीं, अध्यापकों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान छतों की मरम्मत, टंकियों की सफाई और अन्य निर्माण संबंधी कार्य कराना व्यावहारिक रूप से कठिन और कई बार जोखिम भरा भी हो सकता है। उनका कहना है कि यदि ये कार्य गर्मियों के महीनों में कराए जाते तो इन्हें बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकता था।
फिलहाल, शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को मानसून के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा बनी रहे।



