पंजाब की उपजाऊ धरती पर कुछ भी उग सकता है, लेकिन नफरत के बीज यहां कभी नहीं उग सकते यह कहना है पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान का, सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की उपजाऊ धरती पर कुछ भी फल-फूल सकता है, लेकिन इस पवित्र धरती पर नफरत के बीज कभी नहीं उग सकते। हमारे महान गुरुओं ने हमें सांप्रदायिक सद्भाव, शांति और भाईचारे के मूल्य सिखाए हैं। पंजाबी धर्म या समुदाय से ऊपर उठकर हर त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं।”

भगवान शिव की शिक्षाओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भगवान शिव दया और करुणा के प्रतीक हैं। वे भक्तों को लोभ, मोह और क्रोध जैसी बुराइयों से बचाते हैं तथा अपने श्रद्धालुओं को बुद्धि, आशीर्वाद और कृपा प्रदान करते हैं। ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में समृद्धि और विकास लाने के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव, सहानुभूति और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं।”
सभी धर्मों का सम्मान करने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बहुत संतोष की बात है कि पंजाब सरकार ने हर धर्म को समान सम्मान दिया है। एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के रूप में हमने धार्मिक और सांस्कृतिक अवसरों को भव्य ढंग से मनाने के लिए हर संभव प्रयास किया है। हमने ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की स्मृति में कार्यक्रमों की श्रृंखला सफलतापूर्वक आयोजित की।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी के आगामी 650वें प्रकाश पर्व को व्यापक स्तर पर मनाने के लिए पुख्ता प्रबंध कर रही है। हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें जीवन में यह अवसर मिला है और इस अवसर को पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही।”
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने श्रद्धालुओं को श्री हरिमंदिर साहिब, श्री दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, श्री आनंदपुर साहिब, माता नैना देवी जी और अन्य पवित्र स्थलों की मुफ्त तीर्थ यात्रा कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ शुरू की है।”
योजना के दायरे को बढ़ाने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह योजना अब हरिद्वार, श्री खाटू श्याम जी महाराज, सालासर बालाजी धाम और कई अन्य पूजनीय धार्मिक स्थलों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा की सुविधा भी प्रदान करेगी। यह योजना सभी जातियों, धर्मों और किसी भी आय वर्ग के लोगों के लिए खुली है। श्रद्धालुओं को इसका लाभ लेने के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा।”
सरकार के एक अन्य बड़े निर्णय पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सभी धर्मों के पवित्र धार्मिक ग्रंथों को उचित सम्मान देने के लिए पंजाब सरकार ने धार्मिक ग्रंथों के पावन स्वरूप को ले जाने वाले विशेष रूप से तैयार वाहनों को मोटर वाहन कर से छूट प्रदान की है।”
उन्होंने आगे कहा, “धार्मिक रस्मों और आयोजनों के लिए पूरे पंजाब में लगभग 25,000 ऐसे वाहन उपयोग किए जाते हैं। पहले प्रत्येक वाहन पंजाब मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1924 के तहत मोटर वाहन कर के रूप में प्रतिवर्ष लगभग 10,000 रुपये का भुगतान करता था। पंजाब सरकार ने अब इन वाहनों को कर से छूट दे दी है, जिससे लगभग 20 करोड़ से 25 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी।”
लोगों को पंजाब के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं पंजाब के लोगों से अपील करता हूं कि वे जाति, रंग, नस्ल और धर्म से ऊपर उठकर ऐसे पावन अवसरों को सामूहिक रूप से मनाएं। हमें विभाजनकारी और सांप्रदायिक एजेंडों को नकारना चाहिए तथा रंगला पंजाब के निर्माण के लिए मिलकर काम करना चाहिए। आइए, सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त करने, कमजोर वर्गों की सहायता करने और समृद्ध तथा नशा-मुक्त पंजाब के लिए सामूहिक रूप से योगदान देने का संकल्प लें।”
इस अवसर पर ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और ‘आप’ पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और मोहिंदर भगत, सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।


