गांव मंडाला छन्ना में सतलुज नदी के धुस्सी बांध की सुरक्षा के लिए नई नॉच लगाने का लंबे समय से लंबित मामला आखिरकार सुलझ गया है। किसान गुरमुख सिंह ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए अपनी जमीन पर नॉच लगाने की सहमति दे दी है, जिसके बाद ड्रेनेज एवं राजस्व विभाग ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों और पहल से इस महत्वपूर्ण मुद्दे का समाधान संभव हो पाया। संत सीचेवाल ने शाहकोट के तहसीलदार जसपाल सिंह, ड्रेनेज विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मौके का दौरा कर भूमि की पैमाइश करवाई। साथ ही ड्रेनेज विभाग द्वारा सर्वेक्षण कर परियोजना की अनुमानित लागत तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
संत सीचेवाल ने किसान गुरमुख सिंह का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके इस सराहनीय योगदान से क्षेत्र को भविष्य में आने वाली बाढ़ के खतरे से काफी राहत मिलेगी। इस बार पंजाब सरकार ने इस वर्ष ड्रेनेज विभाग के माध्यम से लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से पत्थर लगाकर बांध को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष इस क्षेत्र में सतलुज नदी के किनारे भारी कटाव हुआ था, जिससे बांध की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था। नदी के पानी को बांध से दूर रखने के लिए नई नॉच बनाना अत्यंत आवश्यक था, लेकिन इसके लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने में बाधा आ रही थी।
संत सीचेवाल ने बताया कि क्षेत्र की संगतों, पंचायतों और प्रशासन के सहयोग से इस समस्या का समाधान निकाला गया है। किसान गुरमुख सिंह ने इलाके की सुरक्षा और जनकल्याण को ध्यान में रखते हुए अपनी भूमि उपलब्ध कराने का फैसला लिया। उल्लेखनीय है कि गुरमुख सिंह की लगभग 18 एकड़ भूमि पहले ही नदी कटाव की भेंट चढ़ चुकी है, इसके बावजूद उन्होंने बड़े दिल का परिचय देते हुए समाजहित में यह निर्णय लिया।
उन्होंने प्रशासन और आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि बाढ़ से सुरक्षा के लिए पहले से ही बचाव के प्रभावी उपाय करना अधिक आवश्यक है। उन्होंने जानकारी दी कि ड्रेनेज विभाग द्वारा नदी की सफाई का कार्य लगातार जारी है तथा सरकार ने 30 जून तक लोगों को नदी क्षेत्र से मिट्टी निकालने की अनुमति दी है, ताकि पानी के प्रवाह में कोई बाधा न आए।
इस अवसर पर ड्रेनेज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है और परियोजना को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। विभाग का प्रयास है कि बरसात शुरू होने से पहले नॉच निर्माण का कार्य आरंभ कर दिया जाए, जिससे बांध को और अधिक मजबूत बनाकर क्षेत्र को संभावित बाढ़ से सुरक्षित रखा जा सके।


