Monday, March 2, 2026
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Sarabjit Kaur के पति ने लौहार हाईकोर्ट में याचिका दायर की, कहा– तलाक के बिना दूसरी शादी करना नियमों के खिलाफ है

पाकिस्तान में कथित धर्म परिवर्तन और निकाह से जुड़ा सरबजीत कौर का मामला एक बार फिर कानूनी उलझन में फंस गया है।

भारतीय नागरिक कर्नल सिंह ने लाहौर हाईकोर्ट में नई याचिका दाखिल कर अपनी पत्नी सरबजीत कौर की पाकिस्तान में हुई शादी को रद्द करने की मांग की है। यह याचिका 24 फरवरी 2026 को उनके वकील अली चंगेजी संधू के जरिए दायर की गई। याचिका में कहा गया है कि सरबजीत कौर अब भी भारतीय कानून के अनुसार कर्नल सिंह की पत्नी हैं, क्योंकि दोनों के बीच अभी तक कानूनी तलाक नहीं हुआ है।
ऐसे में पाकिस्तान के नागरिक नासिर हुसैन से किया गया निकाह अवैध माना जाना चाहिए। याचिकाकर्ता का कहना है कि पहली शादी को कानूनी रूप से समाप्त किए बिना दूसरी शादी करना नियमों के खिलाफ है।
वकील ने अदालत में दलील दी है कि पाकिस्तान की संवैधानिक अदालतों, खासकर Federal Shariat Court ने इस तरह के मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि कोई गैर-मुस्लिम विवाहित महिला इस्लाम स्वीकार कर मुस्लिम पुरुष से विवाह करना चाहती है, तो उसे पहले अपने देश के कानून के तहत तलाक लेना जरूरी होता है। साथ ही महिला को अपने पहले पति को दो गवाहों की मौजूदगी में इस्लाम स्वीकार करने का औपचारिक निमंत्रण देना होता है। यदि पति इस्लाम स्वीकार करने से इंकार करे, तो 90 दिन की प्रतीक्षा अवधि के बाद विवाह विच्छेद माना जा सकता है। याचिका में कहा गया है कि इस मामले में इन प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि पहली शादी खत्म किए बिना किसी तरह का वैवाहिक संबंध बनाना इस्लामी कानून के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है। कर्नल सिंह ने अदालत से नासिर हुसैन के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग की है। साथ ही सरबजीत कौर को भारत वापस भेजने यानी डिपोर्ट करने की भी मांग की गई है। उनका कहना है कि इस मामले में इस्लामी कानूनी सिद्धांतों के अलावा फॉरेनर्स एक्ट 1946 और तीर्थ वीजा की शर्तों का भी उल्लंघन हुआ है। याचिका में नासिर हुसैन पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करने की मांग भी की गई है, यह आरोप लगाते हुए कि उन्होंने जानबूझकर पहले से विवाहित महिला से निकाह किया।
याचिका में जबरन धर्म परिवर्तन और आर्थिक लालच देने के आरोप भी लगाए गए हैं। कुछ दस्तावेज अदालत में जमा कराए जाने की बात कही गई है। दावा किया गया है कि नासिर हुसैन ने कथित रूप से सरबजीत कौर की निजी तस्वीरें और वीडियो उनके रिश्तेदारों को भेजने की बात स्वीकार की थी।
कर्नल सिंह ने अदालत से अनुरोध किया है कि मामले का फैसला आने तक सरबजीत कौर को महिला शेल्टर होम में रखा जाए, उन्हें अपने पति और बेटों से बात करने की सुविधा दी जाए और कॉल रिकॉर्डिंग की वॉयस फॉरेंसिक जांच कराई जाए। फिलहाल यह मामला लाहौर हाई कोर्ट में विचाराधीन है।
बता दें इस पूरे मामले की शुरुआत नवंबर में हुई थी। 4 नवंबर को सरबजीत कौर दो हजार से ज्यादा सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर पाकिस्तान गई थीं। यह यात्रा SGPC के प्रबंधन में हुई थी। 13 नवंबर को जत्था भारत लौट आया, लेकिन सरबजीत कौर वापस नहीं आईं। पाकिस्तानी आव्रजन अधिकारियों ने भारतीय अधिकारियों को बताया कि उन्होंने एग्जिट क्लियरेंस नहीं लिया। इसके बाद एक प्रारंभिक पुलिस रिपोर्ट भी भेजी गई।
बाद में जानकारी सामने आई कि नवंबर के पहले सप्ताह में उन्होंने इस्लाम कबूल कर अपना नाम नूर फातिमा रख लिया और नासिर हुसैन से निकाह कर लिया। दोनों ने कहा कि वे पिछले आठ साल से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में थे। इस दौरान उन पर भारतीय जासूस होने के आरोप भी लगे, लेकिन अदालत ने दंपति को परेशान न करने का आदेश दिया था। बाद में पंजाब पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया और सरबजीत कौर को लाहौर के एक सरकारी शेल्टर होम में रखा गया।
जनवरी 2026 में एक और याचिका दायर कर दोनों के खिलाफ आव्रजन कानून के उल्लंघन में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। इस याचिका में पाकिस्तान की दंड प्रक्रिया संहिता की धाराओं 22 ए और 22 बी का हवाला देते हुए फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी से जांच की मांग की गई। सत्र अदालत ने इस पर एफआईए से रिपोर्ट मांगी है।13 फरवरी को सरबजीत कौर शेल्टर होम से निकलकर नासिर हुसैन के घर चली गईं। उन्होंने कहा कि उनका रिश्ता आठ साल पुराना है और वह पाकिस्तान में ही रहना चाहती हैं। हालांकि इससे पहले एक वायरल ऑडियो में उन्होंने भारत लौटने की इच्छा जताई थी। अब कर्नल सिंह की नई याचिका के बाद यह मामला और अधिक जटिल हो गया है। अदालत के फैसले का सभी को इंतजार है।
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