भारतीय वायु सेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। उन्होंने IAF के बेहद प्रतिष्ठित Fighter Combat Leader (FCL) Course को सफलतापूर्वक पूरा कर इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही वह इस चुनौतीपूर्ण कोर्स को पूरा करने वाली भारतीय वायु सेना की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं।
करीब 20 सप्ताह के इस एडवांस्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम में चुनिंदा अनुभवी फाइटर पायलटों को हवाई युद्ध, रणनीतिक ऑपरेशन, जटिल युद्ध परिस्थितियों में निर्णय लेने और मिशन लीडरशिप जैसी क्षमताओं की गहन ट्रेनिंग दी जाती है।
2016 में शुरू हुआ ऐतिहासिक सफर
भावना कांत ने साल 2016 में अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ भारतीय वायु सेना की पहली महिला फाइटर पायलटों के रूप में इतिहास बनाया था। उन्होंने अपने शुरुआती फाइटिंग करियर में MiG-21 Bison उड़ाया और बाद में Su-30MKI जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट को भी उड़ाया।
साल 2019 में भावना कांत दिन के समय कॉम्बैट मिशन के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली भारतीय महिला फाइटर पायलट बनी थीं। इसके बाद 2021 में उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में IAF की झांकी का हिस्सा बनकर भी नया रिकॉर्ड कायम किया।
FCL Course क्यों है खास?
Fighter Combat Leader Course भारतीय वायु सेना के सबसे कठिन और चुनिंदा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक माना जाता है। इसमें पायलटों को—
- एडवांस्ड एयर कॉम्बैट तकनीक
- लॉन्ग-रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक
- जटिल युद्ध परिस्थितियों में निर्णय लेने
- एयर और ग्राउंड मिशन लीड करने
- आधुनिक फाइटर वॉरफेयर रणनीतियों
की ट्रेनिंग दी जाती है।
इस कोर्स के बाद पायलट की भूमिका सिर्फ फाइटर जेट उड़ाने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह कॉम्बैट मिशन की योजना बनाने, रणनीति तैयार करने और दूसरे पायलटों को प्रशिक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
TACDE को कहा जाता है IAF का ‘Top Gun School’
यह प्रशिक्षण Tactics and Air Combat Development Establishment (TACDE) से जुड़ा है, जिसे भारतीय वायु सेना के सबसे प्रतिष्ठित कॉम्बैट ट्रेनिंग संस्थानों में गिना जाता है। यहां फाइटर टैक्टिक्स, एयर कॉम्बैट रणनीतियों और आधुनिक हथियार प्रणालियों के इस्तेमाल से जुड़ी ट्रेनिंग पर विशेष जोर दिया जाता है।
भावना कांत की यह उपलब्धि भारतीय वायु सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और लड़ाकू अभियानों में उनकी भागीदारी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।


